दुर्गापुर गैंगरेप : वासिफ की गर्लफ्रेंड थी पीड़िता, सरकारी गवाह बनेंगे 2 आरोपी

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दुर्गापुर : दुर्गापुर में MBBS छात्रा का गैंगरेप मामला एक बार फिर चर्चा में है। मामले में गिरफ्तार किए गए 2 आरोपी सरकारी गवाह बनने को तैयार हैं। उन्होंने स्थानीय अदालत में याचिका दायर करते हुए अपना गुनाह कबूलने की इजाजत मांगी है।

छात्रा के गैंगरेप में शामिल शेख रियाजुद्दीन और शेख सफीक ने दुर्गापुर महकमा अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उनका कहना है कि गैंगरेप में वो अपनी भूमिका साफ करना चाहते हैं। फिलहाल कोर्ट ने रियाजुद्दीन और सफीक को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। इसी बीच दोनों आरोपी सरकारी गवाह बनने को राजी हो गए हैं। आज इस मामले पर अदालत में सुनवाई हो सकती है।

गैंगरेप केस की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि अगर कोर्ट दोनों की याचिका मंजूर कर लेती है, तो मुकदमे के दौरान दोनों को सरकारी गवाह माना जाएगा।

वॉटसएप चैट से छात्रा-वासिफ के रिलेशन का खुलासा

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 6 आरोपियों में से एक पीड़ित का बॉयफ्रेंड है। दोनों रिलेशन में थे, 10 अक्टूबर को जब स्टूडेंट के साथ रेप हुआ, तो वह बॉयफ्रेंड (वासिफ) के साथ ही कॉलेज कैंपस से बाहर गई थी।

एक अधिकारी ने बताया कि जिस आरोपी को सबसे आखिरी में अरेस्ट किया गया। वह पीड़ित का क्लासमेट है और वे घटना वाली रात डेट पर बाहर गए थे। दोनों के रिलेशनशिप का खुलासा उनकी वॉट्सएप चैट से भी हुआ।

पुलिस के अनुसार, पीड़ित और उसके दोस्त ने बताया कि घटना वाली रात वे एक श्मशान घाट के पास जंगल में गए थे। वहां तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और अचानक हमला कर दिया। जिसके बाद आरोपियों ने रेप किया।

पुलिस बोली- बयान बदलकर गुमराह कर रहें दोनों

मामले की जांच से जुड़े पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि पीड़िता और उसका दोस्त वासिफ बार-बार अपना बयान बदल रहे हैं। ऐसा लगता है वे जानबूझकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ ऐसी चीजें हैं, जो वो छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों में काफी घनिष्ठ संबंध थे। शायद एक-दूसरे कोबचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, जांच सही दिशा में चल रही है, जल्द ही पूरी वारदात का खुलासा हो जाएगा। साथ में डिनर करने जाने की बात भी गलत है, क्योंकि उस जंगली इलाके में डिनर लायक कोई होटल या दुकान नहीं है। वे दोनों अक्सर उस जंगली इलाके में जाते थे।

अस्पताल से छुट्टी के बाद पुलिस की निगरानी में पीड़िता

इधर, पीड़िता को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। इलाज के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार के बाद उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। हालांकि, फिलहाल छात्रा पुलिस की कड़ी निगरानी में है। उसके मेडिकल कॉलेज के ही एक कमरे में रखा गया है, जहां महिला पुलिस अधिकारी कड़ी निगरानी में जुटी हैं। पीड़िता का ख्याल रखने के लिए उसकी मां उसके साथ है। आईक्यू सिटी फाउंडेशन के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार- हमारे मल्टीस्पेशलिटी मेडिकल बोर्ड ने उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति का पूरा ध्यान रखा है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की हमारी टीम द्वारा व्यापक समीक्षा के बाद, उसे अस्पताल से छुट्टी के लिए उपयुक्त माना गया है। इस मूल्यांकन पर उसके माता-पिता के साथ विधिवत चर्चा के बाद उसे अस्पताल से सुरक्षित छुट्टी दे दी गई है।

क्या है पूरी वारदात?

दुर्गापुर के निजी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सेकेंड इयर की छात्रा (23 वर्ष) बीते 10 अक्टूबर की रात को अपने एक पुरुष मित्र वसीम उर्फ वासिफ अली के साथ कॉलेज से बाहर डिनर के लिए गई थी. उसी दौरान रास्ते में आरोपियों ने उसे घेर लिया। खींचकर जंगल में ले गए। मोबाइल छीन लिया और गैंगरेप किया। इस दौरान वसीम पीड़िता को अकेला छोड़कर भाग खड़ा हुआ। गैंगरेप के बाद आरोपियों ने पीड़िता को मोबाइल वापस करने के बदले 3 हजार रुपए मांगे। पैसे नहीं देने पर उसका मोबाइल रख लिया और उसे छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें अप्पू बाउरी (21 वर्ष), शेख फिरदौस (23 वर्ष), शेख रियाजुद्दीन (32 वर्ष), शेख नसीरुद्दीन (24 वर्ष), शेख शफीकुल और छात्रा का सहपाठी वसीम उर्फ वासिफ शामिल हैं। पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट में पहले ही बलात्कार के संकेत मिल चुके हैं। रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि गुप्तांग पर निशान हैं। गुप्तांग के अंदर की त्वचा फट गई है। भारी रक्तस्राव भी हुआ है।

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