धनबाद/मुगमा:
अवैध कोयला खनन और तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। ईसीएल के मुगमा क्षेत्र में एक विशेष संयुक्त अभियान के दौरान 218.900 मीट्रिक टन अवैध कोयला जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹13.20 लाख बताई जा रही है। इसके साथ ही अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही दो पुरानी मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं।
🚨 खुफिया सूचना पर ताबड़तोड़ कार्रवाई
यह पूरा ऑपरेशन सीआईएसएफ के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (एनईजेड-II) मुख्यालय, कोलकाता के निर्देशन में अंजाम दिया गया। विश्वसनीय खुफिया सूचना के आधार पर संयुक्त टीमों ने चापापुर ओसीपी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
👮♂️ अधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी कामयाबी
इस अभियान का नेतृत्व कमांडेंट राहुल सिंह गौतम के समग्र निर्देशन में किया गया, जबकि ऑपरेशन की कमान सहायक कमांडेंट खरडे मनोज भानुदास के हाथों में थी। फील्ड स्तर पर इंस्पेक्टर पी. एस. महापात्रा और इंस्पेक्टर एस. के. सिंह ने मोर्चा संभाला।
अभियान में सीआईएसएफ ईसीएल शीतलपुर (मुगमा एवं मोहनपुर कैंप, क्यूआरटी), सीआईएसएफ आरटीपीएस पुरुलिया, सीआईएसएफ एमटीपीएस मेजिया, एनईजेड-II कोलकाता की ऑपरेशनल और क्राइम इंटेलिजेंस विंग (सीआईडब्ल्यू) तथा ईसीएल सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीमों ने हिस्सा लिया।
⚠️ माफिया नेटवर्क को बड़ा झटका
सीआईएसएफ के अनुसार इस कार्रवाई से न सिर्फ राष्ट्रीय संपत्ति को बड़े नुकसान से बचाया गया, बल्कि क्षेत्र में सक्रिय संगठित कोयला तस्करी गिरोह को भी करारा झटका लगा है। माना जा रहा है कि इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन में लिप्त गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
📉 ‘जीरो कोल लीकेज’ योजना का असर
यह अभियान एमएमडीआर अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और “जीरो कोल लीकेज प्लान” के तहत चलाया गया। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे खुफिया आधारित संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि अवैध खनन और कोयला तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
🔍 क्या है आगे की योजना?
सूत्रों के मुताबिक, जब्त कोयले को कानूनी प्रक्रिया के तहत ईसीएल को सौंपा जाएगा और इस मामले में शामिल तस्करों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
✍️ निष्कर्ष
सीआईएसएफ की इस बड़ी कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अवैध खनन और कोयला तस्करी के खिलाफ अब सख्ती और तेज होगी। “जीरो कोल लीकेज” की दिशा में उठाया गया यह कदम न सिर्फ कानून व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि राष्ट्रीय संसाधनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगा।

