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बंगाल

चोरबागान हादसे से सबक, छठ पूजा पर पश्चिम बर्दवान के घाटों में सीसीटीवी और एंबुलेंस की होगी व्यवस्था

Moutushi · 31 October 2026, 4:34 PM

आसनसोल, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़: छठ पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चोरबागान हादसे से सबक लेते हुए इस बार पूजा के आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य सरकार की ओर से छठ घाटों पर निगरानी और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की गई है। इसके तहत विभिन्न छठ घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, प्रत्येक घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को तैयार रखा जाएगा।

शुक्रवार को आसनसोल सर्किट हाउस में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद राज्य के परिवहन मंत्री तथा पश्चिम बर्दवान जिले में छठ पूजा की तैयारियों के प्रभारी अर्जुन सिंह ने पत्रकारों को सरकार की तैयारियों और सुरक्षा संबंधी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि छठ पूजा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी डर और परेशानी के शांतिपूर्ण वातावरण में पूजा संपन्न कर सकें।

चोरबागान हादसे के बाद सुरक्षा पर विशेष जोर

छठ पूजा के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के समय विशेष रूप से भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में घाटों पर सुरक्षा, भीड़ का नियंत्रण और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। चोरबागान हादसे के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा संबंधी तैयारियों को मजबूत करने का फैसला किया है।

मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि सरकार और प्रशासन इस बात को लेकर गंभीर हैं कि पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति पैदा न हो। इसके लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बनाकर काम किया जाएगा। घाटों की स्थिति और वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

हर घाट पर सीसीटीवी कैमरों से होगी निगरानी

इस बार छठ पूजा की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। प्रशासन की योजना है कि जिले के विभिन्न छठ घाटों पर कैमरे लगाए जाएं, ताकि वहां होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। पूजा के दौरान घाटों पर भीड़ बढ़ने के कारण कई बार लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में परेशानी होती है। निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से प्रशासन को भीड़ की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर समय रहते कदम उठाने में मदद मिल सकती है।

सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से घाटों के आसपास की गतिविधियों पर भी निगरानी रखने का प्रयास किया जाएगा। इससे सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ किसी आपात स्थिति में घटनाक्रम को समझने में भी सहायता मिल सकती है। हालांकि, कैमरों की संख्या और उनके संचालन से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रशासन की ओर से अलग से सामने आनी बाकी है।

प्रत्येक घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था

छठ पूजा के दौरान चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। मंत्री ने बताया कि प्रत्येक छठ घाट पर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। इसका उद्देश्य है कि यदि किसी श्रद्धालु की तबीयत अचानक खराब हो जाए या किसी तरह की दुर्घटना हो, तो उसे बिना देरी के चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

घाटों पर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की भी बड़ी संख्या में मौजूदगी रहती है। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर किसी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तुरंत सहायता मिलना जरूरी होता है। ऐसे में एंबुलेंस की उपलब्धता से जरूरतमंद लोगों को अस्पताल पहुंचाने में सुविधा हो सकती है। प्रशासन की कोशिश है कि पूजा के महत्वपूर्ण समय में चिकित्सा सहायता के लिए लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

आपदा प्रबंधन टीम भी रहेगी तैयार

सुरक्षा के इंतजामों को और मजबूत बनाने के लिए आपदा प्रबंधन टीम को भी तैयार रखा जाएगा। किसी भी अप्रत्याशित परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई करने के लिए टीम की उपलब्धता महत्वपूर्ण होगी। जलाशयों और नदी घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान विशेष सतर्कता की आवश्यकता रहती है। ऐसे में आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों की तैयारी से आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य शुरू करने में मदद मिल सकती है।

प्रशासन का उद्देश्य केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि पहले से ऐसी व्यवस्था तैयार रखना है, जिससे जोखिम को कम किया जा सके। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने की जरूरत होगी।

उच्चस्तरीय बैठक में मंत्री, विधायक और अधिकारी रहे मौजूद

आसनसोल सर्किट हाउस में आयोजित इस बैठक में राज्य की दो अन्य मंत्री अग्निमित्रा पाल और डॉ. अजय पोद्दार भी उपस्थित थे। इसके अलावा पश्चिम बर्दवान जिले के सभी विधायक, जिलाधिकारी एस. पन्नमबलम तथा विभिन्न प्रशासनिक विभागों के अधिकारी बैठक में शामिल हुए। बैठक में छठ पूजा के आयोजन से जुड़ी तैयारियों और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी से यह संकेत मिला कि छठ पूजा के दौरान प्रशासनिक समन्वय को प्राथमिकता दी जा रही है। घाटों पर सुरक्षा, चिकित्सा सहायता और आपदा प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता

छठ पूजा पश्चिम बर्दवान जिले के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है। इस दौरान परिवारों के साथ श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं और सूर्य देव को अर्घ्य देकर पूजा-अर्चना करते हैं। इसलिए घाटों पर सुरक्षित आवागमन, निगरानी और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता का विशेष महत्व है।

चोरबागान हादसे से सबक लेते हुए प्रशासन ने इस बार पहले से तैयारी करने का संदेश दिया है। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बैठक में घोषित व्यवस्थाएं पूजा से पहले सभी संबंधित घाटों पर समय से लागू हो जाएं। सीसीटीवी कैमरे, एंबुलेंस और आपदा प्रबंधन टीम की सक्रिय मौजूदगी से श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल देने में मदद मिल सकती है। प्रशासन की कोशिश है कि इस बार छठ महापर्व पश्चिम बर्दवान में शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न हो।

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