बाराबनी में 2019 के कथित बम हमले का मामला फिर गरमाया, भाजपा ने उठाई जांच की मांग

बाराबनी | विशेष संवाददाता

पश्चिम बंगाल के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2019 में हुए कथित बम हमले का मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं असित सिंह और भोला सिंह पर उस समय भाजपा कार्यकर्ताओं पर बम से हमला कराने का आरोप लगाया गया था, जिसे लेकर अब भाजपा ने फिर से आवाज बुलंद की है।

भाजपा के जिला नेता अभिजीत राय ने इस मामले को उठाते हुए कहा कि 2019 में पार्टी कार्यकर्ताओं को गंभीर राजनीतिक हिंसा का सामना करना पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ अब तक कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

निष्पक्ष जांच की मांग तेज

अभिजीत राय ने मांग की कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को कानून के अनुसार सजा मिले। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की राजनीतिक हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

“कानून सबके लिए समान होना चाहिए”

उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। चाहे कोई भी दल हो, कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।”

सियासी माहौल हुआ गरम

इस बयान के बाद बाराबनी क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पुराने मामलों के फिर से उठने से आने वाले समय में स्थानीय राजनीति और अधिक गर्मा सकती है।

जनता की नजर जांच पर

स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो सच्चाई सामने आएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

👉 कुल मिलाकर, बाराबनी में 2019 के इस कथित बम हमले का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है और न्याय की मांग तेज हो गई है।

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