‘बेटी हुई है, गर्व है!’ फूलों-गुब्बारों से सजी कार में नानी के घर पहुंची नन्ही परी

आसनसोल: बेटी के जन्म की खुशी में अक्सर परिवार जश्न मनाते हैं, लेकिन आसनसोल की सड़कों पर एक परिवार का अनोखा अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। फ़िरोज़पुर के एक परिवार ने नवजात बेटी के स्वागत के लिए कार को फूलों और रंग-बिरंगे गुब्बारों से सजाया। कार पर बड़े अक्षरों में लिखा था—‘बेटी हुई है, गर्व है।’

इसी खास अंदाज में नवजात बच्ची को पहली बार उसकी नानी के घर चितरंजन ले जाया गया। फूलों और गुब्बारों से सजी कार जब आसनसोल की सड़कों से गुजरी तो राहगीरों और स्थानीय लोगों की नजरें उस पर टिक गईं।

🎈 बेटी के जन्म की खुशी में खास तैयारी

बच्ची के पिता जसलीन सिंह संधू, मां निधि शर्मा और नानी मौसमी कुमारी शर्मा फ़िरोज़पुर से चितरंजन के लिए रवाना हुए। परिवार ने पहले से ही कार को फूलों और गुब्बारों से सजाया था।

कार पर लगाया गया ‘बेटी हुई है, गर्व है’ का संदेश सिर्फ परिवार की खुशी जाहिर नहीं कर रहा था, बल्कि बेटियों के प्रति सम्मान और समानता का संदेश भी दे रहा था।

❤️ मां ने कहा—बेटियों को भी मिले बेटों जैसा सम्मान

नवजात की मां निधि शर्मा ने कहा कि बेटी के जन्म से पूरा परिवार बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि समाज में बेटियों को भी बेटों के समान सम्मान और प्यार मिले।

उन्होंने बताया कि बेटी के जन्म की खुशी मनाने के साथ-साथ परिवार लोगों तक एक सकारात्मक संदेश पहुंचाना चाहता है कि बेटी किसी भी मायने में बेटे से कम नहीं होती।

👵 नानी के लिए भी बेहद खास रहा यह पल

नवजात की नानी मौसमी शर्मा के लिए भी यह सफर बेहद भावुक और यादगार रहा। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश पूरी जिम्मेदारी और प्यार के साथ की है और अब अपनी बेटी की बेटी को भी उसी उत्साह और खुशी के साथ अपने घर ले जा रही हैं।

नानी ने कहा कि बेटियों को सम्मान देना समाज की जिम्मेदारी है। इस तरह की छोटी-छोटी पहल लोगों के बीच बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को मजबूत कर सकती है।

🌸 आसनसोल की सड़कों पर आकर्षण का केंद्र बनी कार

फूलों और गुब्बारों से सजी कार जब आसनसोल की सड़कों से गुजरी तो यह आम वाहनों से बिल्कुल अलग नजर आई। कार पर लिखा संदेश देखकर कई लोगों ने इसे बेटियों के सम्मान का खूबसूरत उदाहरण बताया।

परिवार की इस पहल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि बेटी का जन्म केवल परिवार के लिए खुशी का अवसर ही नहीं, बल्कि समाज में समानता और सम्मान की सोच को मजबूत करने का भी मौका है।

नन्ही बच्ची के नानी के घर पहुंचने का यह सफर परिवार के लिए भले ही निजी खुशी का पल था, लेकिन फूलों से सजी कार और उस पर लिखा संदेश राह चलते लोगों के बीच बेटियों के सम्मान का एक खूबसूरत संदेश छोड़ गया।

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