आसनसोल: आसनसोल नगर निगम के वार्ड संख्या 84 में नाली मरम्मत कार्य को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व भाजपा पार्षद मधुमिता चटर्जी ने इस कार्य में गंभीर अनियमितताओं, सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग और घटिया गुणवत्ता का आरोप लगाते हुए जांच की मांग उठाई है।
⚠️ “काम कागजों में, हकीकत में नाकाम”
पत्रकार सम्मेलन के दौरान मधुमिता चटर्जी ने कहा कि वार्ड 84 में नाली मरम्मत के लिए मेमो संख्या 1004/WS/Eng/2024 के तहत 16 मार्च 2024 को टेंडर स्वीकृत किया गया था। इस परियोजना का उद्देश्य जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान करना था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

💧 हल्की बारिश में ही उफन रही नालियां
उन्होंने आरोप लगाया कि नालियों की मूल समस्याओं—जैसे गाद निकालना, खुदाई, अवरोध हटाना और मजबूत कंक्रीट संरचना बनाना—को नजरअंदाज किया गया।
इसके बजाय सिर्फ ऊपरी प्लास्टर और पैचवर्क करके काम को पूरा दिखाया गया।
परिणामस्वरूप, हल्की बारिश में ही नालियां ओवरफ्लो हो रही हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
💰 सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का आरोप
मधुमिता चटर्जी ने आरोप लगाया कि इस परियोजना के लिए आवंटित सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि स्वीकृत बजट और जमीन पर हुए कार्य के बीच बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है, जो वित्तीय अनियमितता और जवाबदेही की कमी की ओर इशारा करता है।
🎥 2022 चुनाव विवाद भी उठाया
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव का मुद्दा भी उठाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय तृणमूल कांग्रेस के पूर्व पार्षद डॉ. देवाशीष सरकार ने उनके घर पर हमला किया था।
इस दावे के समर्थन में उन्होंने कथित सीसीटीवी फुटेज भी मीडिया के सामने पेश किया।

🚨 जांच और कार्रवाई की मांग
मधुमिता चटर्जी ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि:
- पूरे मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए
- परियोजना में खर्च हुए धन का ऑडिट किया जाए
- तकनीकी टीम से कार्य की भौतिक जांच कराई जाए
- दोषी ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो
👥 स्थानीय लोगों में नाराजगी
इस मुद्दे को लेकर वार्ड 84 के निवासियों में भी भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि हर साल जलजमाव की समस्या से जूझना पड़ता है, लेकिन समाधान के नाम पर सिर्फ औपचारिकता निभाई जाती है।
❗ बड़ा सवाल
क्या नाली मरम्मत के नाम पर हुआ है बड़ा घोटाला?
👉 अब सबकी नजर नगर निगम की जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।


