आसनसोल: आसनसोल नगर निगम के वार्ड नंबर 47 स्थित बुद्धा गौर मंडल रोड इलाके में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जर्जर मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी। दीवार की चपेट में आने से वहां से गुजर रही एक महिला और एक बच्ची घायल हो गईं। अचानक हुए इस हादसे से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और दोनों घायलों को इलाज के लिए आसनसोल जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार, जिस मकान की दीवार गिरने से यह हादसा हुआ, उसकी स्थिति पिछले कई दिनों से जर्जर बताई जा रही थी। स्थानीय स्तर पर मकान की खराब हालत को लेकर पहले से ही चिंता जताई जा रही थी। बताया गया कि मकान मालिक की ओर से मकान के कुछ हिस्से को पहले ही गिराया जा चुका था, लेकिन भवन का एक हिस्सा अब भी जर्जर अवस्था में मौजूद था। इसी हिस्से के अचानक गिरने से यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि रात के समय महिला और बच्ची उसी रास्ते से गुजर रही थीं। इसी दौरान बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के जर्जर दीवार का हिस्सा अचानक नीचे आ गिरा। दोनों इसकी चपेट में आ गईं और घायल हो गईं। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए मलबे के बीच फंसी महिला और बच्ची को बाहर निकालने में मदद की।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की। उन्हें आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है। हादसे में घायल महिला और बच्ची की स्थिति को लेकर स्थानीय लोग लगातार जानकारी लेते रहे।
घटना की सूचना मिलने के बाद वार्ड नंबर 47 के भाजपा नेता अजय यादव, दीपक गुप्ता, अतुल राय और राज कुमार समेत कई स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य में सहयोग किया। स्थानीय लोगों की मदद से ही घायल महिला और बच्ची को अस्पताल पहुंचाया गया।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद शनिवार शाम आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी भी घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक ने मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और जर्जर मकान की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर घटना से जुड़ी जानकारी हासिल की।

विधायक ने अस्पताल में भर्ती घायल महिला और बच्ची के इलाज को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव सहायता और आवश्यक व्यवस्था का आश्वासन दिया। जनप्रतिनिधि के घटनास्थल पर पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों ने भी इलाके में मौजूद जर्जर भवनों की स्थिति को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
इस घटना ने एक बार फिर शहर के पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घनी आबादी वाले इलाकों में यदि किसी मकान की दीवार या भवन का हिस्सा लंबे समय से कमजोर स्थिति में हो, तो उसके आसपास से लोगों की आवाजाही भी खतरे से खाली नहीं होती। खासकर सड़क किनारे स्थित जर्जर भवनों को लेकर समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी जर्जर भवन का हिस्सा गिरने के बाद कार्रवाई करने के बजाय उसकी स्थिति को पहले ही गंभीरता से लिया जाना चाहिए। यदि किसी मकान की दीवार गिरने की आशंका हो, तो संबंधित हिस्से को सुरक्षित करने, लोगों की आवाजाही रोकने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इससे संभावित दुर्घटना को टाला जा सकता है।
वार्ड 47 की इस घटना के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि इलाके में यदि अन्य पुराने या जर्जर भवन मौजूद हैं, तो उनकी स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए। लोगों का मानना है कि समय रहते ऐसे भवनों की पहचान होने से भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सकता है।

फिलहाल महिला और बच्ची का आसनसोल जिला अस्पताल में उपचार जारी है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से घायलों को हरसंभव मदद देने की बात कही गई है। घटना ने इलाके के लोगों को झकझोर दिया है और जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है।
स्थानीय स्तर पर अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जर्जर मकान की स्थिति को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या आसपास मौजूद अन्य कमजोर भवनों की भी जांच की जाएगी। हालांकि, फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता हादसे में घायल महिला और बच्ची का उपचार है। दोनों के जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद जताई जा रही है।




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