आसनसोल: रेलवे जमीन पर प्रस्तावित व्यावसायिक निर्माण को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। कलकत्ता हाईकोर्ट के सख्त निर्देश के बाद पूर्व रेलवे ने 17 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे संयुक्त निरीक्षण करने का आदेश जारी किया है। इस निरीक्षण में पौधारोपण की स्थिति और जमीन के वास्तविक उपयोग की जांच की जाएगी।
⚖️ हाईकोर्ट के आदेश से तेज हुई प्रक्रिया
यह पूरा मामला वर्ष 2022 में दायर एक जनहित याचिका (डब्ल्यूपीए संख्या 18439/2022) से जुड़ा हुआ है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि रेलवे की जमीन पर व्यावसायिक निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे पर्यावरण को नुकसान और जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है। साथ ही कानूनी प्रक्रियाओं के उल्लंघन की भी बात उठाई गई थी।
📄 रेलवे का आधिकारिक निर्देश
14 जुलाई 2026 को जारी पत्र में पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह संयुक्त निरीक्षण हाईकोर्ट में लंबित सीपीएएन/67/2025 के अनुपालन में किया जा रहा है। इस निरीक्षण में रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे और सभी तथ्यों का मौके पर मूल्यांकन किया जाएगा।
👤 याचिकाकर्ता को भी बुलावा
इस मामले के याचिकाकर्ता कुमारजीत साव को भी निर्धारित समय पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। इससे यह साफ है कि निरीक्षण को पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि सभी पक्षों की बात सामने आ सके।
🌳 पर्यावरण बनाम विकास की बहस
स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा अब “विकास बनाम पर्यावरण” की बहस में बदल चुका है। एक ओर जहां व्यावसायिक परियोजना से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर हरियाली खत्म होने और जलजमाव की आशंका को लेकर लोग चिंतित हैं।
🔍 17 जुलाई पर टिकी सबकी नजर
अब सभी की निगाहें 17 जुलाई को होने वाले इस संयुक्त निरीक्षण पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि निरीक्षण की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई तय होगी।
👉 यह मामला न सिर्फ आसनसोल, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बन गया है।
⚠️ क्या विकास को मिलेगी मंजूरी या पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता—इसका फैसला अब जांच रिपोर्ट के बाद ही होगा…


