आसनसोल:
देश को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से चल रहे अभियान को अब जमीनी स्तर पर तेज किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद पश्चिम बंगाल में भी इस दिशा में सक्रियता बढ़ गई है। इसी कड़ी में रविवार को आसनसोल के गुजराती भवन में नशा मुक्ति अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
🚨 एक मंच पर जुटे जनप्रतिनिधि
इस बैठक में—
👉 आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी
👉 जामुड़िया के विधायक विजन मुखर्जी
👉 बाराबनी के विधायक अरिजीत राय
👉 अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता
बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
⚠️ नशा मुक्ति अभियान पर मंथन
बैठक के दौरान—
✔️ प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने पर चर्चा
✔️ युवाओं और आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने की रणनीति
✔️ स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों को जोड़ने की योजना
पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
🗣️ क्या है योजना?
जनप्रतिनिधियों ने तय किया कि—
👉 घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा
👉 युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा
👉 स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम, रैली और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे
🏛️ हर विधानसभा में चलेगा अभियान
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि—
✔️ हर विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग टीम बनाई जाएगी
✔️ सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से संदेश फैलाया जाएगा
✔️ नशा पीड़ित लोगों के पुनर्वास और सहायता पर भी ध्यान दिया जाएगा
🙏 समाज को बचाने की पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। ऐसे में इस तरह के अभियान युवाओं को सही दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
🔥 निष्कर्ष
आसनसोल में आयोजित यह बैठक यह संकेत देती है कि—
👉 नशा मुक्त समाज के लिए अब व्यापक स्तर पर प्रयास शुरू हो चुके हैं
👉 राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर मिलकर इस समस्या से लड़ने की तैयारी है
अब देखना होगा कि यह अभियान जमीनी स्तर पर कितना असर दिखाता है और कितने लोगों को नशे से दूर कर पाता है।

