आसनसोल:
आसनसोल नगर निगम में लंबे समय से चल रही एक अहम मांग आखिरकार पूरी हो गई है। वार्ड संख्या 27 की भाजपा पार्षद और नगर निगम की विपक्ष की नेता चैताली तिवारी को अब अपना अलग चैंबर मिल गया है। इस फैसले के बाद नगर निगम की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
🏢 लंबे इंतजार के बाद मिली बड़ी राहत
चैताली तिवारी काफी समय से नगर निगम में अपने लिए एक अलग कक्ष की मांग कर रही थीं। अब उनकी यह मांग पूरी होने पर उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए बेहद अहम और जरूरी सुविधा थी

😊 चैताली तिवारी ने जताया आभार
चैंबर मिलने के बाद चैताली तिवारी ने कहा कि सत्ता परिवर्तन के बाद उन्हें यह सुविधा मिली है। उन्होंने इस फैसले के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अब वह और भी बेहतर तरीके से जनता की समस्याओं को उठाने और उनका समाधान कराने में सक्षम होंगी।
📢 जनसंपर्क में आएगी तेजी
चैताली तिवारी के अनुसार, विपक्ष के नेता के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को सही ढंग से निभाने के लिए एक अलग कक्ष की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
अब चैंबर मिलने से आम लोगों के साथ सीधे संवाद और उनकी समस्याओं के समाधान में काफी सहूलियत मिलेगी।

🤐 मेयर ने साधी चुप्पी
इस मुद्दे पर जब आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय से सवाल किया गया, तो उन्होंने ज्यादा टिप्पणी करने से बचते हुए कहा कि अब विपक्ष की नेता को उनका कक्ष मिल चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि को कामकाज में किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
⚖️ सियासी मायने भी अहम
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फैसला न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि सियासी दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। इससे नगर निगम में सत्ता और विपक्ष के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश भी जाता है।
👉 कुल मिलाकर, चैताली तिवारी को चैंबर मिलने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वह किस तरह से अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाती हैं और आम जनता के मुद्दों को कितनी मजबूती से उठाती हैं।


