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जाने आसनसोल लोकसभा की इतिहास और कौन होगा भाजपा का उम्मीदवार?

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इन दिनों चुनावी मौसम है l हर गली, हर नुक्कड़, हर चौराहे, चाय की ठेक, चारो तरफ बस राजनीती की ही चर्चा हो रही है l लोकसभा चुनाव को लेकर सिर्फ राजनेता या पार्टी कार्यकर्ता ही नहीं, आम जनता भी इसी मुद्दे पर बात करते देखें जा रहे है l बात आसनसोल की करें तो यँहा हर एक के जुबान पर एक ही सवाल है की बी जे पी से कौन? कौन होगा भाजपा का प्रत्याशी? कौन देगा बिहारीबाबू को टक्कर? सभी क्यास लगा रहे है l लेकिन जवाब किसी के पास नहीं l आखिर क्या वजह है जो बी जे पी बंगाल के सभी सीटों से उम्मीदवार उतार चुकी सिर्फ डाइमंड हर्बर और आसनसोल से प्रत्यासी नहीं उतारी है l डाइमंड हर्बर का तो समझ आता है की वो तृणमूल का गढ़ है l वंहा से तृणमूल के फायर ब्रांड अभिषेक बनर्जी खड़े है शायद वंहा भाजपा ऐसे ही कैंडिडेट की देना चाहती है जो वंहा का हवा पलट सके l लेकिन आसनसोल? आसनसोल से तो दो बार भाजपा का सांसद बाबुल सुप्रीयों रहा है l यँहा से तो वर्षो राज करनेवाले मकपा का लाल किला को भाजपा ने ही ढहाया है l फिर यँहा देरी क्यों? इस क्यों का जवाब तो फिलहाल नहीं है लेकिन इस क्यों का जवाब तलासने से पहले आइये जान लेते है, आसनसोल लोकसभा के बारे में l

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आसनसोल संसदीय क्षेत्र 1957 में अस्तित्व में आया l यहां अबतक 18 बार सांसद चुने गए हैं l आजादी के बाद शुरुआती दौर में जब भारतीय राजनीति में कांग्रेस पार्टी का वर्चस्व था तब यहां से 1957 और 1962 में लगातार दो बार कांग्रेस पार्टी जीती l बाद में 67 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के देवेन सेन और फिर 1971,77 में लगाकार दो बार माकपा के रोबिन सेन ने जीत दर्ज की l इसके बाद फिर दो कार्यकाल 1980 और 1984 में कांग्रेस पार्टी ने जीत दर्ज की l फिर माकपा के हराधन राय ने लगातार 1989, 1991 और 1996 मे जीत दर्ज की l इसके बाद माकपा के ही विकास चौधरी ने 1998, 1999 और 2004 में लगातार तीन बार जीत दर्ज की l विकास चौधरी के आकस्मिक निधन के बाद हुए उपचुनाव और 2005-09 और 2009-14 के लिए लगातार दो बार माकपा के वंशगोपाल चौधरी ने चुनाव जीता l यानि 1989 से 2014 तक ये मकपा का गढ़ रहा l इसके बाद 2014 में बीजेपी के बाबुल सुप्रीयों, मोदी लहर के कारण यह सीट जीतने में कामयाब रहे l उसके बाद फिर 2019 में आगे से भी ज्यादा मतों से दोबारा बाबुल ने जीत दर्ज की l फिर 2022 में बाबुल ने तृणमूल का दामन थाम लिया और त्यागपत्र दे दिया l इसबार उपचुनाव में यँहा से टी एम सी के शत्रुघ्न सिन्हा ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज कराई और सांसद बने l

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आपको बता दे की आसनसोल शिल्प और कोयला के लिए जाना जाता है l इस लोकसभा की कुल जनसंख्या 2,137,389 है l इसमें 80 प्रतिशत लोग शहरों में जबकि 20 प्रतिशत जनसंख्या गांवों में रहती है l आसनसोल में किसान और मजदूर वर्ग के लोग राजनीतिक समीकरणों को बदलने की ताकत रखते हैं l इसके साथ ही हिन्दी भाषी वोटर भी निर्णायक हैं l टीएसी की तरफ से शत्रुध्न सिन्हा को दोबारा चुनाव में उतारा गया है l जबकि पवन सिंह के नाम वापसी के बाद यँहा से भाजपा उम्मीदवार को लेकर आसमाजस की स्थिति बानी हुई है l सब अपनी अपनी राग अलाप रहे है l हर खबरिया चैनल होना अपना सोर्स से जानकारी दे रहे है l प्रायः हर ख़बर का मानना है की आसनसोल के पूर्व मेयर जीतेन्द्र तिवारी ही टिकट पाएंगे l वैसे तिवारी जी को इधर लगातार मंदिरो के चक़्कर लगते देखा जा रहा है l पर बात जब भाजपा की हो तो अक्सर देखा गया है की सारे अंदाजा क्यास धरे के धरे रह जाते है जब भाजपा का नाम आता है तो l ये पार्टी अक्सर चौकाने वाली पार्टी है l फिलहाल आसनसोल के अधिकांश जनता और भाजपा के कार्यकर्ताओ की मांग हैं की प्रत्यासी स्थानीय ही हो l बाहरी प्रत्याशी नहीं चाहिए l उम्मीदवार जताई जा रही है की आज कल में ही आसनसोल से भाजपा के उम्मीदवार की नाम की घोषणा कर दी जाएगी l

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