आसनसोल, पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव से पहले आसनसोल में सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। इसी बीच लालबंगला इलाके से सामने आई एक घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मातृशक्ति फॉर्म भरवा रहे भाजपा कर्मियों पर कथित हमले को लेकर तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
⚔️ अचानक हमला, लाठी-डंडों से की गई मारपीट
भाजपा के अनुसार, वार्ड संख्या 15 के तृणमूल काउंसलर श्याम सोरेन के नेतृत्व में लगभग 20 से 22 लोगों की भीड़ ने अचानक हमला कर दिया।
👉 आरोप है कि:
- भाजपा कर्मियों को लाठी-डंडों और लात-घूसों से पीटा गया
- इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश की गई
- प्रचार कार्य को जबरन रोकने का प्रयास किया गया
इस हमले में भाजपा कार्यकर्ता तेज प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल हुए।
🚨 महिला कर्मी के साथ दुर्व्यवहार का आरोप
घटना का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब एक महिला भाजपा कार्यकर्ता राखी हांसदा के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की बात सामने आई।
👉 भाजपा का आरोप:
- महिला कर्मी के साथ अभद्र व्यवहार किया गया
- उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए
- उन्हें धमकी दी गई कि भाजपा का प्रचार बंद करें
यह आरोप सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और भी बढ़ गया है।
🗳️ घटनास्थल पर पहुंचे उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी
घटना की खबर मिलते ही आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे।
👉 उन्होंने कहा:
- यह घटना लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है
- तृणमूल कांग्रेस पर हिंसा की राजनीति करने का आरोप लगाया
- पुलिस पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आरोपियों को संरक्षण मिल रहा है
🚔 थाने के बाहर प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
इस घटना के विरोध में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आसनसोल नॉर्थ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
👉 इसके बाद:
- थाने के बाहर धरना और जोरदार नारेबाजी की गई
- आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई गई
- इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया
⚠️ इलाके में तनाव, जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल लालबंगला इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
👉 राजनीतिक जानकारों का मानना है कि:
- चुनाव नजदीक आते ही इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं
- इससे कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं
🔎 चुनावी माहौल में बढ़ती टकराहट
आसनसोल उत्तर क्षेत्र इस बार चुनावी दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। ऐसे में हर छोटी-बड़ी घटना सियासी रंग ले रही है।
👉 इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि
चुनावी जंग अब सड़क तक पहुंच चुकी है।















