Saturday, 7 November 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
आसनसोल दक्षिण में काली पूजा की धूम, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कई मंडपों का किया उद्घाटन छठ पूजा से पहले सीतारामपुर के छठ घाट की बदलेगी तस्वीर, रेलवे और नगर निगम ने शुरू किया बड़ा अभियान बर्नपुर में सरकारी शराब दुकान पर आबकारी विभाग का छापा, एक गाड़ी शराब जब्त कर दुकान सील त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं! खरीदारी से लौटे परिवार ने घर को राख में बदला देखा आसनसोल में उद्योगों की वापसी की उम्मीद! नई उद्योग नीति के समर्थन में उतरा एफओएसबीईसीसीआई अंडाल में रेलवे का लोहा चोरी कर भाग रहा था आरोपी, हादसे ने बिगाड़ा खेल; गाड़ी समेत गिरफ्तार आसनसोल दक्षिण में काली पूजा की धूम, मंत्री अग्निमित्रा पाल ने कई मंडपों का किया उद्घाटन छठ पूजा से पहले सीतारामपुर के छठ घाट की बदलेगी तस्वीर, रेलवे और नगर निगम ने शुरू किया बड़ा अभियान बर्नपुर में सरकारी शराब दुकान पर आबकारी विभाग का छापा, एक गाड़ी शराब जब्त कर दुकान सील त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं! खरीदारी से लौटे परिवार ने घर को राख में बदला देखा आसनसोल में उद्योगों की वापसी की उम्मीद! नई उद्योग नीति के समर्थन में उतरा एफओएसबीईसीसीआई अंडाल में रेलवे का लोहा चोरी कर भाग रहा था आरोपी, हादसे ने बिगाड़ा खेल; गाड़ी समेत गिरफ्तार
आसनसोल-दुर्गापुर

छठ पूजा से पहले सीतारामपुर के छठ घाट की बदलेगी तस्वीर, रेलवे और नगर निगम ने शुरू किया बड़ा अभियान

Moutushi · 7 November 2026, 3:14 PM

आसनसोल, विकास चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा को लेकर आसनसोल के सीतारामपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। हर वर्ष हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनने वाले सीतारामपुर स्थित लोको पंपू तालाब, जिसे छठ पोखर घाट के नाम से भी जाना जाता है, की तस्वीर बदलने की कवायद शुरू कर दी गई है। छठ पूजा से पहले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे और आसनसोल नगर निगम ने संयुक्त रूप से तालाब की सफाई और जीर्णोद्धार का काम शुरू किया है। शनिवार दोपहर मौके पर जेसीबी मशीनों की मदद से तालाब में फैली जलकुंभी, खरपतवार, कचरे और लंबे समय से जमा गंदगी को हटाने का काम किया गया। इस पहल से स्थानीय निवासियों और छठ पूजा समितियों में खुशी का माहौल है।

रेलवे और नगर निगम की संयुक्त पहल से बदलेगी घाट की तस्वीर

आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले सीतारामपुर के लोको पंपू तालाब का छठ पूजा के दौरान विशेष महत्व रहता है। आसपास के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में छठ व्रती और श्रद्धालु यहां भगवान सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचते हैं। लेकिन पिछले कई वर्षों से तालाब में जलकुंभी, खरपतवार और गंदगी जमा होने के कारण श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

तालाब की खराब स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से इसकी सफाई और मरम्मत की मांग की जा रही थी। अब रेलवे और आसनसोल नगर निगम की संयुक्त पहल से इस दिशा में काम शुरू होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि इस बार छठ पूजा के दौरान उन्हें पहले की तुलना में बेहतर व्यवस्था मिलेगी।

शनिवार को सफाई अभियान के दौरान जेसीबी मशीन लगाकर तालाब के भीतर जमा जलकुंभी और अन्य अवांछित चीजों को बाहर निकाला गया। इसके साथ ही तालाब में लंबे समय से जमा कचरे और खरपतवार को हटाने का काम भी किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य केवल ऊपरी गंदगी हटाना नहीं, बल्कि तालाब को छठ पूजा के लिए उपयोगी और अपेक्षाकृत स्वच्छ बनाना है।

टिंकू वर्मा की देखरेख में चल रहा काम

इस पूरे सफाई और जीर्णोद्धार अभियान की देखरेख आसनसोल जिला भाजपा मीडिया सेल के प्रभारी तथा राज्य के मंत्री डॉ. अजय कुमार पोद्दार के प्रतिनिधि टिंकू वर्मा कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे और आसनसोल नगर निगम के कर्मचारी मिलकर तालाब को साफ करने के कार्य में जुटे हुए हैं।

शनिवार को मौके पर चल रहे कार्यों के दौरान कर्मचारियों को मशीनों की सहायता से तालाब के अलग-अलग हिस्सों की सफाई करते देखा गया। जलकुंभी और खरपतवार को हटाने के साथ तालाब में जमा गंदगी बाहर निकालने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्थानीय लोगों का मानना है कि रेलवे और नगर निगम के बीच बेहतर तालमेल बना रहा तो इस काम को छठ पूजा से पहले पूरा किया जा सकता है। इससे हजारों श्रद्धालुओं को सीधे तौर पर लाभ मिलेगा।

हर साल हजारों श्रद्धालु देते हैं भगवान सूर्य को अर्घ्य

छठ पूजा बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के कई राज्यों में बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला प्रमुख लोकपर्व है। आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में भी इस पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है। सीतारामपुर और आसपास के इलाकों में रहने वाले बड़ी संख्या में परिवार इस महापर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाते हैं।

लोको पंपू तालाब का छठ पोखर घाट इस क्षेत्र के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल है। प्रत्येक वर्ष यहां हजारों श्रद्धालु पहुंचकर अस्ताचलगामी और उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। छठ व्रती कई दिनों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। ऐसे में घाट और तालाब की स्वच्छता का विशेष महत्व होता है।

तालाब में जलकुंभी और गंदगी रहने से पानी में उतरने, पूजा की सामग्री व्यवस्थित करने और अर्घ्य देने में परेशानी होती थी। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए भी गंदगी से भरे घाट पर पहुंचना आसान नहीं रहता था। इसी वजह से स्थानीय निवासी लंबे समय से तालाब के जीर्णोद्धार की मांग कर रहे थे।

स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग पर शुरू हुई कार्रवाई

स्थानीय निवासियों का कहना है कि छठ पूजा के समय इस घाट पर काफी भीड़ उमड़ती है, लेकिन साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं होने से हर वर्ष समस्याएं सामने आती थीं। लोगों को उम्मीद थी कि रेलवे और नगर निगम मिलकर इस तालाब की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

अब संयुक्त रूप से सफाई अभियान शुरू होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय निवासियों का मानना है कि धार्मिक आयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाले सार्वजनिक जलाशयों की नियमित सफाई जरूरी है। केवल छठ पूजा से पहले सफाई कराने के बजाय पूरे वर्ष तालाब के रखरखाव की व्यवस्था भी होनी चाहिए।

क्या छठ पूजा से पहले पूरी तरह तैयार हो पाएगा घाट?

फिलहाल तालाब की सफाई और जीर्णोद्धार का काम जारी है। स्थानीय लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि छठ पूजा शुरू होने से पहले कितनी तेजी से काम पूरा किया जाता है। श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि जलकुंभी और गंदगी हटाने के साथ घाट के आसपास की व्यवस्था भी बेहतर बनाई जाएगी।

छठ पूजा के दौरान हजारों लोगों की आवाजाही को देखते हुए घाट तक पहुंचने वाले रास्तों की सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षित आवागमन और स्वच्छ वातावरण जैसी सुविधाएं भी महत्वपूर्ण हैं। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं किए जाने की जरूरत है।

रेलवे और आसनसोल नगर निगम की इस संयुक्त पहल को स्थानीय स्तर पर एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। यदि निर्धारित समय से पहले सफाई और मरम्मत का काम पूरा हो जाता है, तो इस वर्ष सीतारामपुर के छठ पोखर घाट पर श्रद्धालु पहले से बेहतर वातावरण में भगवान सूर्य की आराधना कर सकेंगे।

फिलहाल, जेसीबी मशीनों की मदद से तालाब की सफाई का अभियान जारी है और स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि महापर्व से पहले लोको पंपू तालाब की पुरानी तस्वीर बदल जाएगी।

Advertisement