कांकसा, बिकाश चंद्र, सिटी टुडे न्यूज़ : पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिले की सीमा के आसपास नशे के अवैध कारोबार का एक कथित अंतरजिला नेटवर्क सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। आरोप है कि बीरभूम से अजय नदी का पुल पार कर बाइक के जरिए मादक पदार्थ पश्चिम बर्दवान लाए जाते थे। इसके बाद दुर्गापुर के आसपास के इलाकों में बने गुप्त ठिकाने से नशीले पदार्थों की सप्लाई अलग-अलग क्षेत्रों में की जाती थी। इस मामले में कांकसा थाना अंतर्गत मलानदिघी फांड़ी की पुलिस ने गिरोह के प्रमुख आरोपियों में शामिल शरीफुद्दीन शेख उर्फ ‘बैंग’ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क के निशाने पर दुर्गापुर के कई निजी कॉलेजों के छात्र भी थे। हालांकि, पूरे गिरोह की गतिविधियों और कथित सप्लाई नेटवर्क की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
दो जिलों की सीमा का इस्तेमाल कर चल रहा था कथित कारोबार
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कथित नशा तस्करी नेटवर्क ने पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिले की भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाया था। आरोप है कि बीरभूम जिले से मादक पदार्थों को बाइक के जरिए अजय नदी का पुल पार कर पश्चिम बर्दवान लाया जाता था। इस रास्ते से खेप पहुंचाने के बाद उसे अलग-अलग स्थानों पर जमा किया जाता था, ताकि आगे की सप्लाई की जा सके।
जांच में सामने आए प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, विदबिहार के शिवपुर इलाके में एक गुप्त ठिकाने का इस्तेमाल नशीले पदार्थों को जमा करने के लिए किया जाता था। पुलिस को संदेह है कि यह स्थान कथित नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम कर रहा था। यहां से आसपास के इलाकों में नशीले पदार्थ पहुंचाने की व्यवस्था की जाती थी।
शिवपुर से कई जिलों तक सप्लाई का आरोप
पुलिस सूत्रों का दावा है कि शिवपुर इलाके में कथित रूप से जमा किए गए मादक पदार्थों की सप्लाई केवल पश्चिम बर्दवान तक सीमित नहीं थी। आरोप है कि यहां से पश्चिम बर्दवान, पूर्व बर्दवान और आसपास के अन्य जिलों में भी नशीले पदार्थ भेजे जाते थे। इस तरह दो जिलों की सीमा के आसपास सक्रिय कथित गिरोह ने अपना नेटवर्क कई क्षेत्रों तक फैला रखा था।
इस मामले का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि पुलिस सूत्रों के अनुसार, दुर्गापुर के कई निजी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र भी इस गिरोह के निशाने पर थे। यदि जांच में यह बात प्रमाणित होती है, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर चिंता भी बन जाएगा।
शरीफुद्दीन शेख उर्फ बैंग की गिरफ्तारी से जांच को मिली दिशा
मलानदिघी फांड़ी की पुलिस ने इस मामले में शरीफुद्दीन शेख उर्फ ‘बैंग’ को गिरफ्तार किया है। उसे कथित गिरोह के प्रमुख आरोपियों में शामिल बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी को पुलिस की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उसके जरिए नेटवर्क के अन्य सदस्यों, सप्लाई के रास्तों और कथित ठिकानों के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी मात्र से पूरे नेटवर्क की भूमिका या आरोपों की पुष्टि नहीं होती। पुलिस को अब यह पता लगाना होगा कि इस कथित कारोबार में और कौन-कौन शामिल थे तथा मादक पदार्थों की खरीद, परिवहन और वितरण की व्यवस्था किस तरह संचालित की जाती थी।
कॉलेज के छात्रों को निशाना बनाए जाने का आरोप
इस पूरे मामले में दुर्गापुर के निजी कॉलेजों के छात्रों का उल्लेख सबसे अधिक चिंता पैदा कर रहा है। कॉलेज जाने वाले युवा अपने भविष्य और पढ़ाई को लेकर महत्वपूर्ण दौर में होते हैं। ऐसे में यदि नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोग शैक्षणिक संस्थानों के आसपास अपनी गतिविधियां बढ़ाते हैं, तो इसका असर विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर पड़ सकता है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरोह की गतिविधियों में छात्रों को निशाना बनाए जाने की आशंका सामने आई है। हालांकि, किन कॉलेजों के विद्यार्थी प्रभावित हुए, कितने लोगों तक कथित रूप से नशीले पदार्थ पहुंचाए गए और क्या किसी छात्र की पहचान हुई है, इस संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए इस पहलू की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही हो सकेगी।
बाइक से परिवहन और गुप्त ठिकाने की भूमिका की जांच
पुलिस के सामने अब कथित नेटवर्क के पूरे संचालन को समझने की चुनौती है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बीरभूम से मादक पदार्थ कहां से जुटाए जाते थे, अजय नदी का पुल पार करने के बाद उन्हें किन रास्तों से शिवपुर पहुंचाया जाता था और वहां से आगे किन लोगों के माध्यम से सप्लाई होती थी।
इसके अलावा, पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि इस काम में कितने लोग शामिल थे और क्या अलग-अलग जिलों में इसके लिए अलग-अलग संपर्क बनाए गए थे। कथित गुप्त ठिकाने की भूमिका और वहां से होने वाली गतिविधियों की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
युवाओं को नशे से बचाने की चुनौती
कांकसा और दुर्गापुर के आसपास इस मामले ने नशे के अवैध कारोबार को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। खासकर कॉलेज के विद्यार्थियों को निशाना बनाए जाने की आशंका ने अभिभावकों और शिक्षण संस्थानों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को सामने रखा है।
फिलहाल मलानदिघी फांड़ी की पुलिस मामले की जांच कर रही है। शरीफुद्दीन शेख उर्फ ‘बैंग’ की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों और सप्लाई व्यवस्था तक पहुंचने की कोशिश में है। आने वाले दिनों में जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह गिरोह कितने बड़े क्षेत्र में सक्रिय था और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हुए थे।




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