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आसनसोल-दुर्गापुर

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद भी दुर्गापुर के वकीलों का आंदोलन जारी, नई अदालत में सुविधाओं की मांग

Moutushi · 29 October 2026, 5:22 PM

दुर्गापुर: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर महकमा अदालत में पुराने कोर्ट भवन से नए कोर्ट भवन में न्यायिक रिकॉर्ड स्थानांतरित करने के निर्देश के बावजूद वकीलों का आंदोलन समाप्त होने के आसार फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। हाईकोर्ट ने अदालत के रिकॉर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है, लेकिन दुर्गापुर महकमा अदालत बार एसोसिएशन ने स्पष्ट कर दिया है कि वकीलों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह और मुकदमे से जुड़े लोगों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

बार एसोसिएशन का कहना है कि अदालत का काम केवल रिकॉर्ड को एक भवन से दूसरे भवन में स्थानांतरित करने तक सीमित नहीं है। न्यायिक प्रक्रिया में शामिल वकीलों और न्याय पाने की उम्मीद लेकर अदालत पहुंचने वाले लोगों के लिए उचित व्यवस्था भी जरूरी है। इसी मांग को लेकर वकील अपनी बात पर अड़े हुए हैं। इस मुद्दे पर हाईकोर्ट के निर्देश और बार एसोसिएशन की मांगों के बीच स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।

रिकॉर्ड स्थानांतरण के निर्देश के बाद भी क्यों जारी है आंदोलन?

मिली जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने पुराने कोर्ट भवन से नए कोर्ट भवन में अदालत के रिकॉर्ड स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। इसके बावजूद दुर्गापुर महकमा अदालत के वकील आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। बार एसोसिएशन का तर्क है कि रिकॉर्ड स्थानांतरित करने की प्रक्रिया के साथ-साथ अदालत परिसर में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास भी किया जाना चाहिए।

वकीलों के मुताबिक, नए भवन में कामकाज की व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जहां वे अपने पेशेवर कार्यों को सुचारु रूप से कर सकें। इसके साथ ही अदालत में आने वाले मुकदमे के पक्षकारों और अन्य न्यायार्थियों को भी जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।

बार एसोसिएशन का मानना है कि यदि पर्याप्त जगह और आवश्यक व्यवस्थाओं के बिना अदालत का कामकाज आगे बढ़ाया जाता है, तो वकीलों के साथ-साथ आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से संगठन ने अपनी मांगों को पूरा होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।

कल्लोल घोष ने बताईं वकीलों की प्रमुख मांगें

दुर्गापुर महकमा अदालत बार एसोसिएशन के महासचिव कल्लोल घोष ने इस मामले में संगठन का पक्ष स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वकीलों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना जरूरी है। इसके अलावा न्याय पाने के लिए अदालत पहुंचने वाले लोगों की जरूरतों के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

कल्लोल घोष के अनुसार, अदालत के रिकॉर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने का निर्देश अपनी जगह है, लेकिन वकीलों और न्यायार्थियों के लिए उचित बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। जब तक इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।

उनके बयान से स्पष्ट है कि बार एसोसिएशन की मुख्य चिंता नए भवन में अदालत के कामकाज के लिए अनुकूल माहौल और लोगों की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं को लेकर है। संगठन चाहता है कि रिकॉर्ड स्थानांतरण के साथ इन मुद्दों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाए।

न्यायार्थियों की सुविधाओं को भी बताया अहम

इस पूरे विवाद में केवल वकीलों के बैठने की जगह ही नहीं, बल्कि अदालत में आने वाले लोगों की सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया है। अदालत में मुकदमे से जुड़े पक्षकार, उनके परिजन और अन्य लोग विभिन्न कानूनी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में परिसर में जरूरी बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता उनके लिए महत्वपूर्ण होती है।

बार एसोसिएशन का कहना है कि अदालत की व्यवस्था इस तरह होनी चाहिए कि लोगों को अपने कानूनी कामकाज के दौरान अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। हालांकि, किन-किन सुविधाओं की कमी है और उन्हें विकसित करने के लिए क्या विशेष कदम उठाए जाने चाहिए, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।

इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि वकीलों की मांगों को पूरा करने के लिए नए भवन में किन व्यवस्थाओं की आवश्यकता होगी और संबंधित प्रशासन इस दिशा में क्या कदम उठाएगा।

जिला अदालत बार एसोसिएशन का भी समर्थन

कल्लोल घोष ने बताया कि दुर्गापुर महकमा अदालत के वकीलों की मांगों को जिला अदालत बार एसोसिएशन का भी समर्थन प्राप्त है। इससे इस मुद्दे पर वकीलों के संगठन की एकजुटता सामने आई है।

बार एसोसिएशन का रुख स्पष्ट है कि जब तक आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास नहीं होता, तब तक वकील अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। संगठन की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि केवल रिकॉर्ड स्थानांतरित करने से उनकी सभी चिंताओं का समाधान नहीं होगा।

हालांकि, जिला अदालत बार एसोसिएशन के समर्थन से संबंधित विस्तृत जानकारी और इस मुद्दे पर प्रशासन की प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। आने वाले समय में संबंधित पक्षों के बीच बातचीत होती है या नहीं और सुविधाओं को लेकर कोई ठोस निर्णय लिया जाता है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

आगे क्या होगा, सबकी नजर फैसले पर

दुर्गापुर महकमा अदालत में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन और वकीलों की मांगों के बीच तालमेल कैसे स्थापित किया जाएगा। एक ओर अदालत के रिकॉर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने का निर्देश है, वहीं दूसरी ओर बार एसोसिएशन पर्याप्त जगह और बुनियादी सुविधाओं को लेकर अपनी मांगों पर कायम है।

यदि संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनती है और जरूरी सुविधाओं को लेकर ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो इस गतिरोध का समाधान निकलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, फिलहाल ऐसी किसी सहमति या समाधान की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

फिलहाल, दुर्गापुर महकमा अदालत के वकीलों ने स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और बार एसोसिएशन इस मुद्दे पर किस तरह आगे बढ़ते हैं और अदालत के कामकाज से जुड़े विवाद का समाधान कब निकलता है।

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