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एसआईआर में छूटे मतदाताओं को मिलेगा मौका! चुनाव आयोग का बड़ा ऐलान, पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में शुरू होगी नई प्रक्रिया

Moutushi · 16 October 2026, 1:19 PM

नई दिल्ली/कोलकाता: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय निर्वाचन आयोग ने नए मतदाताओं के पंजीकरण और पहले की प्रक्रिया में छूट गए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने के उद्देश्य से विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी एसएसआर को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले से पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के उन नागरिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो किसी कारणवश मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए थे।

निर्वाचन आयोग की ओर से गुरुवार, 15 अक्टूबर को जारी निर्देशों के अनुसार, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार और तमिलनाडु सहित विभिन्न राज्यों में मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक केवल पंजीकरण संबंधी परेशानी या किसी अन्य कारण से मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।

एसआईआर के बाद छूटे मतदाताओं को कैसे मिलेगा मौका?

विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं की जानकारी का सत्यापन किया जाता है और मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया में कुछ लोगों के नाम छूट सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे युवा भी होते हैं, जो पहली बार मतदान करने की पात्रता प्राप्त करते हैं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाता।

ऐसे ही लोगों को ध्यान में रखते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की व्यवस्था की जा रही है। इसके अंतर्गत पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। जिन लोगों के नाम पहले की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए हैं, वे भी निर्धारित नियमों के अनुसार पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

हालांकि, केवल आवेदन कर देना पर्याप्त नहीं होगा। संबंधित निर्वाचन अधिकारियों द्वारा आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी। पात्रता की पुष्टि होने के बाद ही मतदाता सूची में नाम शामिल किया जाएगा।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी मसौदा मतदाता सूची

निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, संबंधित राज्यों में 12 नवंबर को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया जाएगा। इसके बाद मतदाता अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच कर सकेंगे।

मसौदा सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं के लिए यह जरूरी होगा कि वे उसमें अपनी जानकारी ध्यानपूर्वक देखें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में नहीं है या उसके विवरण में कोई गलती है, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित आवेदन या दावा प्रस्तुत करना चाहिए।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, नाम शामिल कराने की प्रक्रिया के लिए 1 जनवरी 2027 तक की समयसीमा बताई गई है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को जारी की जाएगी। इसलिए मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम सूची प्रकाशित होने का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी जानकारी की जांच कर लें।

दो प्रतिशत या उससे अधिक नाम हटाने के प्रस्ताव पर होगी जांच

निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची से नाम हटाने के मामलों में भी निगरानी का प्रावधान रखा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यदि किसी मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं के दो प्रतिशत या उससे अधिक नाम हटाने का प्रस्ताव आता है, तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर से उसकी जांच की जाएगी।

इसके अलावा, निर्वाचन अधिकारी भी संबंधित मामलों की पुष्टि करेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में सावधानी बरतना और संभावित गलतियों की जांच सुनिश्चित करना है।

मतदाता सूची में नाम जोड़ना और किसी नाम को हटाना दोनों ही महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं हैं। इसलिए नागरिकों को भी अपनी जानकारी का सत्यापन करना चाहिए और यदि उन्हें किसी प्रकार की गड़बड़ी दिखाई देती है, तो समय रहते संबंधित निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करना चाहिए।

17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए जारी हुए निर्देश

15 अक्टूबर को जारी निर्देश में 29 सितंबर को जारी पूर्व निर्देश का भी उल्लेख किया गया है। पहले जारी निर्देश में राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निर्वाचन अधिकारियों को एसआईआर के दौरान छूट गए मतदाताओं तथा पहली बार मतदान करने वाले पात्र नागरिकों के पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही गई थी।

उस निर्देश में पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, मणिपुर, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और अंडमान-निकोबार का उल्लेख किया गया था।

हालांकि, इन सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसएसआर की समय-सारिणी एक जैसी होने की बात नहीं कही गई है। संबंधित क्षेत्रों के लिए जारी आधिकारिक कार्यक्रम और निर्देशों के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कुछ राज्यों में बाद में होगी घोषणा

निर्वाचन आयोग के अनुसार, जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया हाल ही में पूरी हुई है या अभी चल रही है, वहां एसएसआर को लेकर बाद में घोषणा की जाएगी। इनमें आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।

वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू नहीं होने की जानकारी दी गई है। इन क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में आगे निर्णय लिया जाएगा।

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए क्या करना होगा?

जिन पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, उन्हें नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय सही व्यक्तिगत जानकारी देना और निर्धारित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।

आवेदन करने से पहले नागरिकों को अपने क्षेत्र के बूथ स्तरीय अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी या आधिकारिक मतदाता सेवा माध्यम से प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए। आवेदन की स्थिति और संबंधित निर्देशों की पुष्टि भी आधिकारिक माध्यम से की जा सकती है।

गौरतलब है कि 15 अक्टूबर को जारी निर्देश में पिछले एसआईआर के दौरान आवश्यक अतिरिक्त घोषणा-पत्र के संबंध में स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए मतदाताओं को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि पहले की सभी औपचारिकताएं स्वतः समाप्त हो गई हैं। उन्हें अपने क्षेत्र के लिए लागू ताजा दिशा-निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।

पश्चिम बंगाल के मतदाता अभी से कर लें तैयारी

पश्चिम बंगाल में आगामी मतदाता सूची पुनरीक्षण को देखते हुए नागरिकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम अपनी वर्तमान स्थिति की जांच करना है। जिन लोगों ने हाल ही में निवास बदला है, जो युवा पहली बार मतदान करने के पात्र हुए हैं या जिन्हें आशंका है कि एसआईआर के दौरान उनका नाम छूट गया है, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए।

मतदाता सूची में नाम होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने की बुनियादी शर्त है। ऐसे में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन करना, सही जानकारी देना और मसौदा सूची में अपना नाम जांचना बेहद जरूरी होगा। निर्वाचन आयोग की इस पहल का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब सभी पात्र नागरिक समय पर अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और किसी भी समस्या की स्थिति में संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करेंगे।

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