Monday, 5 October 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

कप्तान स्मित मच्छार के जल्द स्वस्थ होने की कामना, धीमोमेन में हुआ महायज्ञ

Moutushi · 4 October 2026, 8:01 PM

आसनसोल: फ्लाईदुबई के भारतीय कप्तान स्मित मच्छार के साहस और सूझबूझ की चर्चा इन दिनों देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। विमान में गंभीर संकट के दौरान घायल होने के बावजूद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा के लिए उन्होंने जिस तरह हिम्मत दिखाई, उसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित धीमोमेन में उनके जल्द स्वस्थ होने, दीर्घायु और सुरक्षित घर वापसी की कामना को लेकर महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में कप्तान के बेहतर स्वास्थ्य और उन्हें नई शक्ति मिलने की प्रार्थना की गई।

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री डॉ. अजय पोद्दार के निर्देश पर आयोजित इस महायज्ञ का नेतृत्व भाजपा नेता बिरजू यादव ने किया। आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से कप्तान स्मित मच्छार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की गई। लोगों की प्रार्थना थी कि वह उपचार के बाद जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों और अपने परिवार के बीच सुरक्षित लौट सकें।

संकट के समय साहस दिखाकर बचाई लोगों की जान

कप्तान स्मित मच्छार की बहादुरी से जुड़ी घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड 1073 में हुई थी। यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कप्तान पर हमला कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले में स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों के लिए भी स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई थी।

गंभीर चोटों और शारीरिक परेशानी के बावजूद कप्तान ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी, ताकि बाहर मौजूद लोग अंदर पहुंचकर सहायता कर सकें। विमान के तेजी से नीचे उतरने और यात्रियों में घबराहट की स्थिति के बीच उन्होंने आखिरकार दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को आपात स्थिति में सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इस घटना में विमान में सवार लोगों की जान बचाने में कप्तान की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया है।

गंभीर चोटों के बावजूद नहीं छोड़ी हिम्मत

घटना के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार, कप्तान स्मित मच्छार को कई चोटें आई थीं। हमले के दौरान उनकी दृष्टि भी प्रभावित हुई थी और उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने विमान में मौजूद लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अस्पताल से हुई बातचीत में भी उन्होंने उस कठिन समय का अनुभव साझा किया था। उन्होंने बताया कि जब उन्हें एहसास हुआ कि विमान नीचे जा रहा है और यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है, तब उन्होंने किसी तरह उठकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने का प्रयास किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी बहादुरी, सूझबूझ और दूसरों की जान बचाने के संकल्प की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने उन्हें साहसी बताते हुए जल्द स्वस्थ होने की शुभकामनाएं दीं। इस घटना के बाद देशभर में लोगों ने भी कप्तान के साहस की सराहना की।

इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी की सराहना

कप्तान स्मित मच्छार की बहादुरी की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनसे बातचीत के दौरान उनके साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कप्तान को भारत, इजरायल और पूरी दुनिया का नायक बताया। नेतन्याहू के साथ बातचीत में स्मित मच्छार ने विमान के भीतर हुए हमले और कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए किए गए संघर्ष के बारे में विस्तार से बताया।

इस बातचीत में उन्होंने बताया कि किस तरह गंभीर चोटों के बावजूद उन्होंने एक बार फिर प्रयास किया और दरवाजा खोलने में सफल हुए। उनके इस प्रयास से यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को कॉकपिट तक पहुंचने तथा हमलावर को रोकने में मदद मिली। इजरायल के प्रधानमंत्री की ओर से की गई प्रशंसा ने भी इस घटना को अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में बनाए रखा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित अन्य वैश्विक नेताओं की ओर से भी कप्तान के साहस की सराहना किए जाने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि घटना के कारणों और हमले के पीछे की मंशा को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

धीमोमेन में महायज्ञ के जरिए मांगी गई सलामती

इसी साहसिक घटना के बाद धीमोमेन में आयोजित महायज्ञ के माध्यम से स्थानीय स्तर पर भी कप्तान के प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त की गईं। आयोजन में उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और जल्द घर लौटने की कामना की गई। महायज्ञ का नेतृत्व करने वाले भाजपा नेता बिरजू यादव ने इस आयोजन को कप्तान के प्रति सम्मान और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना से जुड़ा प्रयास बताया।

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लोगों ने कामना की कि उपचार के बाद स्मित मच्छार पहले की तरह स्वस्थ जीवन में लौटें। उनके परिवार को भी इस कठिन समय में हिम्मत और शक्ति मिले। किसी व्यक्ति के साहसिक कार्य के प्रति सम्मान जताने के लिए धार्मिक आयोजन करना स्थानीय समाज की आस्था और भावनात्मक जुड़ाव को भी दर्शाता है।

देश-दुनिया की शुभकामनाओं के बीच स्वास्थ्य लाभ की प्रतीक्षा

कप्तान स्मित मच्छार फिलहाल उपचार और स्वास्थ्य लाभ की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। ताजा समाचारों के अनुसार, वह अबू धाबी के अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं। उनके जल्द स्वस्थ होने को लेकर देश और विदेश से शुभकामनाएं मिल रही हैं।

धीमोमेन में आयोजित महायज्ञ भी इसी भावना का प्रतीक रहा। यहां लोगों ने किसी राजनीतिक या व्यक्तिगत लाभ के बजाय एक घायल कप्तान की सलामती और सुरक्षित वापसी की कामना की। विमान में संकट के समय दिखाई गई उनकी हिम्मत ने अनेक लोगों को प्रभावित किया है। अब सभी की उम्मीद है कि वह जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने परिवार के बीच लौटेंगे। आसनसोल में हुआ यह महायज्ञ उसी सामूहिक प्रार्थना और सम्मान की अभिव्यक्ति बना।

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