आसनसोल के उद्योगपति महेंद्र शर्मा की कंपनी अंकुर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड करेगी 1600 करोड़ रुपये का निवेश, 3400 करोड़ की औद्योगिक परियोजनाओं से 10 हजार से अधिक रोजगार का लक्ष्य
जमुई/चकाई: बिहार के औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में जमुई जिले के चकाई में बड़ी तैयारी की जा रही है। शनिवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चकाई पहुंचकर निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया और परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक गतिविधियों, निवेश की संभावनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। निरीक्षण के दौरान लगभग 9 हजार एकड़ भूमि पर औद्योगिक विकास की योजना का प्रस्तुतीकरण मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।
इस प्रस्तावित औद्योगिक विस्तार में आसनसोल, पश्चिम बंगाल के उद्योगपति महेंद्र शर्मा की कंपनी अंकुर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कंपनी इस परियोजना में लगभग 1600 करोड़ रुपये का निवेश करने की तैयारी कर रही है। बिहार में प्रस्तावित कुल औद्योगिक निवेश लगभग 3400 करोड़ रुपये बताया गया है। इस तरह चकाई की औद्योगिक योजना में पश्चिम बंगाल के आसनसोल से जुड़े उद्योगपति की भागीदारी भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
3400 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमुई जिले में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए लगभग 3400 करोड़ रुपये के निवेश की दिशा में काम किया जा रहा है। इस निवेश के अंतर्गत अलग-अलग औद्योगिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की योजना है। इनमें इथेनॉल उत्पादन के साथ-साथ स्टील उद्योग से जुड़ी संभावनाएं भी शामिल हैं।
इस पूरी पहल में अंकुर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से महेंद्र शर्मा लगभग 1600 करोड़ रुपये निवेश करेंगे। प्रस्तावित निवेश को लेकर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, निवेश की वास्तविक प्रगति परियोजना की औपचारिक स्वीकृतियों, निर्माण कार्य और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
प्रस्तावित औद्योगिक योजनाओं के माध्यम से 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य बताया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को काम के अवसर मिलने के साथ परिवहन, निर्माण, आपूर्ति, रखरखाव और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मार्च 2026 में चालू करने की बताई गई थी तैयारी
चकाई प्रखंड की बेटर पंचायत के पूरबा गांव में निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट इस औद्योगिक योजना का प्रमुख हिस्सा है। उपलब्ध परियोजना संबंधी जानकारी के अनुसार, इस प्लांट को मार्च 2026 में चालू करने की तैयारी बताई गई थी। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान प्लांट की प्रगति और उससे जुड़ी तैयारियों की जानकारी ली गई।
इस प्लांट को एशिया के सबसे बड़े इथेनॉल प्लांट के रूप में विकसित किए जाने का दावा भी किया गया है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए परियोजना की स्थापित उत्पादन क्षमता और अन्य तुलनात्मक आंकड़ों की आधिकारिक जानकारी जरूरी होगी।
इथेनॉल का उपयोग पेट्रोल में मिश्रण के लिए किया जाता है। देश में जैव ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इथेनॉल उत्पादन को महत्व दिया जा रहा है। ऐसे संयंत्रों से कृषि आधारित कच्चे माल की मांग बढ़ सकती है और संबंधित आपूर्ति व्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। चकाई में प्लांट शुरू होने पर स्थानीय स्तर पर परिवहन, तकनीकी सेवाओं और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में भी काम की संभावनाएं बन सकती हैं।
9 हजार एकड़ भूमि पर स्टील प्लांट हब की योजना
इथेनॉल प्लांट के अलावा चकाई में स्टील प्लांट हब विकसित करने की तैयारी भी प्रस्तावित औद्योगिक योजनाओं का हिस्सा है। इसके लिए औद्योगीकरण के उद्देश्य से लगभग 9 हजार एकड़ भूमि चिन्हित किए जाने की जानकारी दी गई है। मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए प्रस्तुतीकरण में इसी भूमि पर संभावित औद्योगिक विकास और उससे संबंधित योजनाओं का विवरण शामिल था।
इतने बड़े क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां विकसित करने के लिए सड़क, बिजली, पानी, परिवहन, संचार और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जरूरत होगी। इसके साथ ही पर्यावरण संबंधी मंजूरी, भूमि से जुड़े नियमों और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण होगा। प्रस्तावित योजनाओं के आगे बढ़ने के साथ इन पहलुओं पर होने वाली कार्रवाई भी क्षेत्र के विकास की दिशा तय करेगी।
स्टील उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं के विकसित होने पर निर्माण, मशीनरी, परिवहन और अन्य सहायक व्यवसायों में गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। इससे चकाई और आसपास के क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों तथा सेवा प्रदाताओं के लिए भी अवसर पैदा हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री के निरीक्षण में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्रेयसी सिंह, मंत्री दामोदर रावत, पूर्व मंत्री सुमित कुमार सिंह और विधायक सावित्री देवी सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पार्षद विधान सिंह भी कार्यक्रम में मौजूद थे। प्रशासनिक स्तर पर जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। अंकुर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कंपनी के मालिक और आसनसोल के उद्योगपति महेंद्र शर्मा ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
इस दौरान औद्योगिक परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और आगे की योजनाओं को लेकर जानकारी साझा की गई। मुख्यमंत्री के निरीक्षण को चकाई में प्रस्तावित औद्योगिक विकास की तैयारियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण गतिविधि के रूप में देखा जा रहा है।
आसनसोल से बिहार तक औद्योगिक निवेश की कड़ी
महेंद्र शर्मा की कंपनी की ओर से प्रस्तावित 1600 करोड़ रुपये का निवेश इस परियोजना का एक प्रमुख पहलू है। आसनसोल पश्चिम बंगाल का एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है और यहां से जुड़े उद्योगपति का बिहार की परियोजना में निवेश करना दोनों राज्यों के औद्योगिक संबंधों के लिहाज से भी उल्लेखनीय है।
हालांकि, किसी भी बड़े निवेश का वास्तविक असर परियोजना के निर्माण, उत्पादन शुरू होने, स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने और सहायक उद्योगों के विकसित होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल चकाई में इथेनॉल प्लांट, प्रस्तावित स्टील प्लांट हब और 9 हजार एकड़ भूमि पर औद्योगिक विकास की योजना को लेकर तैयारियां चर्चा में हैं।
बिहार में लगभग 3400 करोड़ रुपये के प्रस्तावित औद्योगिक निवेश और 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के लक्ष्य के बीच चकाई को एक नए औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना सामने आई है। आने वाले समय में परियोजनाओं की प्रगति, निवेश की औपचारिक प्रक्रिया और निर्माण कार्य पर सबकी नजर रहेगी।




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