Tuesday, 15 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
17 सांसद भाजपा में जाएंगे? जगदीश बसुनिया के दावे से बंगाल की राजनीति में भूचाल, तीन ने किया इनकार मिड-डे मील पर बंगाल सरकार का बड़ा यू-टर्न! अक्षय पात्र की मंजूरी रद्द, चार जिलों में पुरानी व्यवस्था लागू पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों पर बड़ा एक्शन, बंद करने का निर्देश; 100 को शो-कॉज नोटिस उपचुनाव से पहले कालीघाट तृणमूल का बड़ा दांव, नंदीग्राम-रेजिनगर के उम्मीदवार घोषित; घासफूल पर फैसला बाकी आसनसोल में गणपति बप्पा की भक्ति में डूबा हट्टन रोड, सातवें वर्ष की गणेश पूजा का भव्य उद्घाटन साप्ताहिक राशिफल 14 से 20 सितंबर 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह, धन-करियर में किसे मिलेगा लाभ 17 सांसद भाजपा में जाएंगे? जगदीश बसुनिया के दावे से बंगाल की राजनीति में भूचाल, तीन ने किया इनकार मिड-डे मील पर बंगाल सरकार का बड़ा यू-टर्न! अक्षय पात्र की मंजूरी रद्द, चार जिलों में पुरानी व्यवस्था लागू पश्चिम बंगाल में 252 मदरसों पर बड़ा एक्शन, बंद करने का निर्देश; 100 को शो-कॉज नोटिस उपचुनाव से पहले कालीघाट तृणमूल का बड़ा दांव, नंदीग्राम-रेजिनगर के उम्मीदवार घोषित; घासफूल पर फैसला बाकी आसनसोल में गणपति बप्पा की भक्ति में डूबा हट्टन रोड, सातवें वर्ष की गणेश पूजा का भव्य उद्घाटन साप्ताहिक राशिफल 14 से 20 सितंबर 2026: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका सप्ताह, धन-करियर में किसे मिलेगा लाभ
आसनसोल-दुर्गापुर

17 सांसद भाजपा में जाएंगे? जगदीश बसुनिया के दावे से बंगाल की राजनीति में भूचाल, तीन ने किया इनकार

Moutushi · 15 September 2026, 10:10 AM

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी दावा चर्चा का विषय बन गया है। तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों के भविष्य को लेकर कूचबिहार के सांसद जगदीशचंद्र बर्मन बसुनिया ने ऐसा दावा किया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। बसुनिया के मुताबिक, एनसीपीआई के कुल 20 सांसदों में से 17 सांसद जल्द ही भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। वहीं, तीन अल्पसंख्यक सांसद सीधे भाजपा में शामिल होने के बजाय राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए का समर्थन करेंगे।

हालांकि, बसुनिया के इस दावे के बाद एनसीपीआई के कई सांसदों ने इससे दूरी बना ली है। कुछ सांसदों ने साफ कहा है कि उन्हें ऐसी किसी योजना की जानकारी नहीं है, जबकि मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान ने तो इस दावे को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। दूसरी ओर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने भी इस पूरे मामले पर ऐसा तंज कसा, जिसने राजनीतिक बहस को और दिलचस्प बना दिया है।

17 सांसदों के भाजपा में जाने का दावा

जगदीशचंद्र बर्मन बसुनिया ने सोमवार को दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों में से 17 सांसद भाजपा में जाने की तैयारी में हैं। उन्होंने कहा कि इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने की योजना तैयार है और यह प्रक्रिया पूजा से पहले या उसके आसपास हो सकती है।

बसुनिया के मुताबिक, मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान, जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान और बहरमपुर के सांसद यूसुफ पठान सीधे भाजपा में शामिल नहीं होना चाहते। उन्होंने दावा किया कि इन तीनों सांसदों के क्षेत्र अल्पसंख्यक बहुल होने के कारण उनके सामने अलग तरह की राजनीतिक परिस्थितियां हैं।

बसुनिया ने यह भी दावा किया कि ये तीनों सांसद भाजपा में शामिल नहीं होकर एनडीए का समर्थन कर सकते हैं। उनके अनुसार, इन सांसदों को भविष्य में अलग-अलग जिम्मेदारियां या मंत्रालय भी मिल सकते हैं।

काकली घोष दस्तीदार ने साधी चुप्पी

जगदीश बसुनिया के बयान पर एनसीपीआई के भीतर से फिलहाल कोई सामूहिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। बारासात की सांसद और एनसीपीआई की मुख्य सचेतक काकली घोष दस्तीदार से जब इस दावे के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बसुनिया ने क्या कहा, इसका वह जवाब नहीं देंगी।

वहीं, मथुरापुर के सांसद बापी हलदार, जो तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए थे, ने भी इस दावे से अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की किसी जानकारी के बारे में पता नहीं है।

बीरभूम की सांसद शताब्दी रॉय ने भी बसुनिया के बयान पर सीधी प्रतिक्रिया देने से इनकार करते हुए कहा कि जो बसुनिया जानते हैं, वही जानते हैं और उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

अबू ताहेर ने किया दावा खारिज

सबसे स्पष्ट प्रतिक्रिया मुर्शिदाबाद के सांसद अबू ताहेर खान की ओर से आई। उन्होंने जगदीश बसुनिया के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके राजनीतिक भविष्य के बारे में फैसला बताने की जिम्मेदारी उन्होंने बसुनिया को नहीं दी है।

अबू ताहेर ने साफ कहा कि वह, जंगीपुर के सांसद खलीलुर रहमान और बहरमपुर के सांसद यूसुफ पठान भाजपा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तीनों सांसद एनडीए में भी शामिल नहीं होंगे।

उनके अनुसार, बसुनिया ने जो कहा है, वह उनकी व्यक्तिगत राय है और तीनों सांसद इससे सहमत नहीं हैं। हालांकि, अबू ताहेर ने यह जरूर कहा कि विकास से जुड़े सरकारी कामकाज में यदि प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री किसी बैठक के लिए बुलाते हैं तो वे उसमें शामिल हो सकते हैं। लेकिन भाजपा या एनडीए की राजनीतिक बैठक में शामिल होने की उनकी कोई योजना नहीं है।

एनडीए की बैठक से भी रहे थे दूर

मुर्शिदाबाद क्षेत्र से जुड़े इन तीनों सांसदों ने पहले भी भाजपा और एनडीए से दूरी बनाए रखने का संकेत दिया था। संसद के मानसून सत्र के दौरान आयोजित एनडीए की ‘मंगल मिलन’ बैठक में भी तीनों सांसदों की मौजूदगी नहीं रही थी। इसके बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर अटकलें जरूर लगाई गईं, लेकिन सांसदों की ओर से भाजपा में जाने की कोई पुष्टि नहीं की गई।

शमीक भट्टाचार्य का तंज

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने जगदीश बसुनिया के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केवल किसी व्यक्ति के भाजपा में शामिल होने की इच्छा जताने से यह जरूरी नहीं हो जाता कि भाजपा उसे तुरंत स्वीकार कर ले।

शमीक ने 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा में शामिल होने वाले और बाद में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं तथा उस दौर में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ हुए घटनाक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी किसी भी नए नेता को शामिल करने से पहले उसके राजनीतिक अतीत और परिस्थितियों को ध्यान में रखेगी।

इसी दौरान शमीक भट्टाचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि जिस भाजपा में ये लोग शामिल होना चाहते हैं, वह शायद ‘मंगल ग्रह की भाजपा’ है।

दल-बदल कानून का भी आया मुद्दा

जगदीश बसुनिया ने अपने दावे के समर्थन में दल-बदल कानून का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि यदि एनसीपीआई के 20 सांसदों में से दो-तिहाई सांसद अलग होकर किसी दूसरे राजनीतिक दल के साथ जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में दल-बदल कानून से जुड़ी स्थिति अलग हो सकती है। हालांकि, इस दावे के वास्तविक राजनीतिक और कानूनी प्रभाव का निर्धारण संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और संसदीय प्रक्रिया के अनुसार ही होगा।

फिलहाल दावा बनाम इनकार

पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा में शामिल होने को लेकर अभी तक 17 सांसदों की ओर से कोई सामूहिक सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ, तीन मुस्लिम सांसदों—अबू ताहेर खान, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान—ने भाजपा तथा एनडीए में जाने से इनकार किया है।

एनसीपीआई के एक सांसद ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बसुनिया के दावे को पूरी तरह गलत नहीं बताया और संकेत दिया कि संगठन के भीतर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, सार्वजनिक रूप से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या पूजा से पहले वास्तव में एनसीपीआई के 17 सांसद भाजपा का दामन थामेंगे या फिर यह दावा बंगाल की राजनीति में चल रही एक नई राजनीतिक अटकल तक ही सीमित रहेगा। फिलहाल, बसुनिया के दावे, अबू ताहेर के इनकार और शमीक भट्टाचार्य के तंज ने राज्य की सियासत में एक नई बहस जरूर छेड़ दी है।

Advertisement