बर्नपुर: सेल आईएसपी बर्नपुर स्टील प्लांट में यूनियन चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे चुनावी सरगर्मी भी तेज होती जा रही है। 24 सितंबर को होने वाले यूनियन चुनाव को लेकर विभिन्न श्रमिक संगठनों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बर्नपुर स्टील प्लांट के आसपास इन दिनों संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ गई हैं और अलग-अलग यूनियन अपने पक्ष में श्रमिकों को लामबंद करने के लिए प्रचार अभियान चला रही हैं।
चुनाव को लेकर विभिन्न संगठनों की ओर से श्रमिकों के बीच लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। यूनियन प्रतिनिधि अपने-अपने संगठन की नीतियों, श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर कर्मचारियों के बीच अपनी बात रख रहे हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ ही बर्नपुर में यूनियन गतिविधियों के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
इसी क्रम में आईएनटीटीयूसी भी चुनावी मैदान में पूरी सक्रियता के साथ उतरने की तैयारी में है। संगठन की ओर से श्रमिकों के बीच प्रचार अभियान शुरू कर दिया गया है। संगठन से जुड़े नेता और कार्यकर्ता कर्मचारियों से संपर्क कर रहे हैं तथा यूनियन के पक्ष में समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
आईएनटीटीयूसी ने जीत का जताया भरोसा
यूनियन चुनाव को लेकर आईएनटीटीयूसी नेता हरजीत सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संगठन की जीत का दावा किया है। उन्होंने कहा कि आईएनटीटीयूसी एक पुराना संगठन है और सेल आईएसपी बर्नपुर में श्रमिकों के हितों के लिए लगातार काम करता रहा है।
हरजीत सिंह के अनुसार, संगठन ने श्रमिकों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दी है और आगे भी कर्मचारियों के हितों को लेकर अपनी भूमिका निभाता रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि 24 सितंबर को होने वाले चुनाव में एक बार फिर आईएनटीटीयूसी को श्रमिकों का समर्थन मिलेगा और संगठन चुनाव में जीत हासिल करेगा।
चुनाव को लेकर आईएनटीटीयूसी के समर्थकों में भी उत्साह देखा जा रहा है। संगठन की ओर से प्रचार अभियान के दौरान श्रमिकों के बीच अपनी बात पहुंचाने और चुनाव में समर्थन हासिल करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, अंतिम फैसला मतदान के बाद ही सामने आएगा और किस संगठन को श्रमिकों का कितना समर्थन मिलता है, यह चुनाव परिणाम से स्पष्ट होगा।
श्रमिक मुद्दों पर रहेगा मुख्य फोकस
सेल आईएसपी जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठान में यूनियन चुनाव का महत्व केवल संगठनात्मक राजनीति तक सीमित नहीं रहता। श्रमिकों के वेतन, सुविधाओं, कार्यस्थल की सुरक्षा, सेवा से जुड़े मुद्दों, कल्याणकारी योजनाओं और कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर यूनियन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यही वजह है कि चुनाव के दौरान अलग-अलग संगठन श्रमिकों के सामने अपनी प्राथमिकताएं और भविष्य की कार्ययोजना रखने की कोशिश करते हैं।
इस बार भी चुनावी प्रचार में श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रहने की उम्मीद है। अलग-अलग यूनियन अपने प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं को श्रमिकों तक पहुंचाने में जुटी हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आने के साथ प्रचार अभियान में और तेजी आने की संभावना है।
बर्नपुर में बढ़ी चुनावी हलचल
24 सितंबर को होने वाले चुनाव को लेकर बर्नपुर में संगठनात्मक स्तर पर गतिविधियां बढ़ चुकी हैं। यूनियन प्रतिनिधियों की बैठकें, श्रमिकों से संपर्क और प्रचार अभियान लगातार चल रहे हैं। चुनाव में हिस्सा लेने वाले संगठनों के लिए आने वाले दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
श्रमिकों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए संगठन अलग-अलग स्तर पर संपर्क कर रहे हैं। चुनावी मैदान में मौजूद यूनियनें अपने समर्थकों को सक्रिय करने के साथ-साथ उन कर्मचारियों तक भी पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, जो मतदान के समय अपना निर्णय तय करेंगे।
ऐसे में चुनाव से पहले बर्नपुर स्टील प्लांट का माहौल धीरे-धीरे पूरी तरह चुनावी रंग में रंगता नजर आ रहा है। हालांकि, किस संगठन की रणनीति कितनी प्रभावी रहती है और श्रमिकों का समर्थन किसके पक्ष में जाता है, इसका फैसला 24 सितंबर को होने वाले मतदान के बाद ही होगा।
हरजीत सिंह को मिली कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी
इधर, आईएनटीटीयूसी नेता हरजीत सिंह को पश्चिम बर्दवान जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद उनकी राजनीतिक भूमिका को लेकर भी चर्चा तेज हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उन्हें यह जिम्मेदारी दिए जाने के बाद समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं।
हरजीत सिंह को जिला कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है। इस नियुक्ति को संगठन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक और श्रमिक संगठन से जुड़े क्षेत्र में सक्रिय रहने वाले हरजीत सिंह के सामने अब पार्टी संगठन की जिम्मेदारी भी आ गई है।
एक तरफ सेल आईएसपी बर्नपुर में यूनियन चुनाव को लेकर उनकी सक्रियता चर्चा में है, तो दूसरी तरफ पश्चिम बर्दवान जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में मिली नई जिम्मेदारी ने भी उन्हें राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण भूमिका में ला दिया है।
फिलहाल बर्नपुर स्टील प्लांट में 24 सितंबर को होने वाले यूनियन चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। विभिन्न संगठन अपने-अपने स्तर पर प्रचार और तैयारियों में जुटे हैं। आईएनटीटीयूसी ने अपनी जीत का भरोसा जताया है, जबकि चुनावी मैदान में मौजूद अन्य संगठन भी श्रमिकों का समर्थन हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। अब देखना होगा कि मतदान के दिन श्रमिक किस संगठन के पक्ष में अपना समर्थन देते हैं और चुनाव परिणाम बर्नपुर की यूनियन राजनीति में क्या तस्वीर पेश करता है।




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