आसनसोल: शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की दिशा में आसनसोल नगर निगम की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी अभियान के तहत शनिवार को नगर निगम कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने शहर के विभिन्न हिस्सों में सफाई व्यवस्था को लेकर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मनोज सिनेमा हॉल के पास लगाए गए डस्टबिन का भी निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने डस्टबिन के आसपास की स्थिति को देखा और इस बात पर जोर दिया कि केवल डस्टबिन लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को उसका सही तरीके से इस्तेमाल भी करना होगा। नगर निगम की ओर से लोगों की सुविधा के लिए सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन लगाए जाते हैं, ताकि आसपास कूड़ा-कचरा बिखरा न रहे और शहर की सफाई व्यवस्था व्यवस्थित बनी रहे।
डस्टबिन के बावजूद बाहर फेंका जा रहा कूड़ा
कमिश्नर ने निरीक्षण के दौरान कहा कि कई स्थानों पर डस्टबिन उपलब्ध होने के बावजूद कुछ लोग कूड़ा उसके अंदर डालने के बजाय आसपास या सड़क के किनारे फेंककर चले जाते हैं। इससे सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है और डस्टबिन लगाए जाने का उद्देश्य भी पूरी तरह पूरा नहीं हो पाता।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर नगर निगम लोगों की सुविधा के लिए कूड़ा डालने की व्यवस्था कर रहा है, तो नागरिकों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने की आदत से न केवल सड़क और आसपास का क्षेत्र साफ रहेगा, बल्कि पूरे इलाके की स्वच्छता व्यवस्था को बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
सफाई व्यवस्था केवल निगम की जिम्मेदारी नहीं
आसनसोल नगर निगम की ओर से लगातार सफाई को लेकर अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। हालांकि, किसी भी शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए केवल नगर निगम के कर्मचारियों की मेहनत पर्याप्त नहीं होती। इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी बेहद महत्वपूर्ण होती है।
कमिश्नर दिलीप मिश्रा ने इसी बात पर जोर देते हुए लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जो भी प्रयास किए जा रहे हैं, उन्हें सफल बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है। यदि लोग घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित डस्टबिन में डालें, तो शहर की सफाई व्यवस्था में काफी सुधार लाया जा सकता है।
सड़क किनारे कूड़ा बढ़ाता है परेशानी
शहर के व्यस्त इलाकों में सड़क के किनारे या सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा जमा होने से कई तरह की समस्याएं पैदा होती हैं। इससे आसपास का वातावरण गंदा दिखाई देता है और आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी होती है। इसके अलावा लंबे समय तक कचरा जमा रहने से दुर्गंध और गंदगी की स्थिति पैदा हो सकती है।
यही कारण है कि नगर निगम की ओर से सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन लगाए जाते हैं। इनका उद्देश्य लोगों को कूड़ा फेंकने के लिए एक निर्धारित स्थान उपलब्ध कराना है। लेकिन यदि डस्टबिन के बाहर ही कचरा फेंका जाता है, तो सफाई व्यवस्था को बनाए रखने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है।
लोगों से की गई जिम्मेदारी निभाने की अपील
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने आम लोगों से अपील की कि जहां भी डस्टबिन लगाए गए हैं, वहां कूड़ा बाहर नहीं बल्कि डस्टबिन के अंदर ही डाला जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ शहर बनाने की जिम्मेदारी केवल प्रशासन या नगर निगम की नहीं है, बल्कि शहर में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सार्वजनिक स्थानों को अपना समझकर स्वच्छ रखने की आदत विकसित करनी चाहिए। छोटी-छोटी सावधानियों के जरिए शहर को साफ और व्यवस्थित रखा जा सकता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास कूड़ा नहीं फैलाने का संकल्प ले और निर्धारित स्थान पर ही कचरा डाले, तो सफाई व्यवस्था को काफी हद तक बेहतर बनाया जा सकता है।
जागरूकता के साथ व्यवस्था पर भी नजर
नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ विभिन्न स्थानों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कर यह देखा जा रहा है कि उपलब्ध सुविधाओं का सही तरीके से इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।
मनोज सिनेमा हॉल के पास डस्टबिन का निरीक्षण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कमिश्नर का मौके पर पहुंचकर व्यवस्था देखना इस बात का संकेत है कि नगर निगम शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीरता से काम कर रहा है।
साफ आसनसोल के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी
आसनसोल जैसे बड़े और व्यस्त शहर में रोजाना बड़ी मात्रा में कचरा निकलता है। ऐसे में कचरे के उचित निपटान और सार्वजनिक स्थानों की सफाई को बनाए रखना प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी साझा जिम्मेदारी बन जाती है।
नगर निगम की ओर से डस्टबिन और सफाई की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब नागरिक भी उसका सही इस्तेमाल करेंगे। कमिश्नर दिलीप मिश्रा की अपील का मुख्य संदेश भी यही रहा कि कूड़ा सड़क पर नहीं, बल्कि डस्टबिन के अंदर ही डाला जाए।
शहर को स्वच्छ रखने की शुरुआत किसी बड़े अभियान से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों से होती है। यदि नागरिक अपने आसपास गंदगी फैलाने से बचें और नगर निगम की सफाई व्यवस्था में सहयोग करें, तो आसनसोल को अधिक साफ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।




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