आसनसोल: बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के पोस्टर जलाए जाने की घटना को लेकर आसनसोल में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पोस्टर जलाने की घटना के विरोध में गुरुवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए घटना पर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष अधिक मंडल ने किया। बड़ी संख्या में युवा मोर्चा के कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि किसी संत या धार्मिक व्यक्तित्व के पोस्टर को जलाकर विरोध जताना स्वीकार नहीं किया जा सकता। इसी मुद्दे को लेकर युवा मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने पार्टी के झंडे और नारों के साथ सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश जाहिर किया।
पोस्टर जलाने की घटना के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री से जुड़े बयान को लेकर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हुई है। इसी विवाद के बीच आसनसोल में कांग्रेस की ओर से उनके पोस्टर जलाए जाने की घटना सामने आई थी। भाजपा युवा मोर्चा ने इसी घटना को मुद्दा बनाते हुए गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि किसी व्यक्ति के बयान या विचार से असहमति होने पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जा सकता है, लेकिन पोस्टर जलाने जैसी कार्रवाई से विवाद और बढ़ सकता है।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पोस्टर जलाकर विरोध जताने की घटना धार्मिक आस्था से जुड़े विषय को राजनीतिक टकराव की ओर ले जाने वाली है। उन्होंने कहा कि पार्टी इस प्रकार की घटना का विरोध करती है और इसी कारण कार्यकर्ता सड़क पर उतरे हैं।
कांग्रेस नेता की तस्वीर पर भी जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता प्रसेनजित पुईतुंडी की तस्वीर को पैरों से रौंदकर अपना विरोध जताया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने तस्वीर को आग के हवाले कर दिया। इस दौरान कांग्रेस के खिलाफ लगातार नारेबाजी की गई।
तस्वीर जलाने की घटना प्रदर्शन का सबसे प्रमुख दृश्य बन गई। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाए जाने की घटना को लेकर अपना आक्रोश व्यक्त किया और कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक विरोध तेज करने का संदेश दिया।
हालांकि, किसी भी राजनीतिक प्रदर्शन में इस तरह की प्रतीकात्मक कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों की अलग-अलग राय हो सकती है। भाजपा युवा मोर्चा ने इसे अपने विरोध का हिस्सा बताया, जबकि इस पूरे विवाद को लेकर आगे कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
धार्मिक आस्था के अपमान का लगाया आरोप
भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाने की घटना की कड़ी निंदा की। उनका कहना था कि धार्मिक आस्था और संतों के प्रति अपमानजनक व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति के बयान से असहमति रखने का अधिकार सभी को है। राजनीतिक या वैचारिक विरोध भी लोकतांत्रिक तरीके से किया जा सकता है। लेकिन धार्मिक भावनाओं से जुड़े किसी व्यक्ति या संत के पोस्टर को जलाने जैसी घटना से समाज में तनाव पैदा होने की आशंका रहती है।
इसी आधार पर युवा मोर्चा ने कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। नेताओं ने कहा कि उनका प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के उद्देश्य से किया गया है।
बागेश्वर बाबा के बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान दिए गए कथित बयानों को लेकर विवाद शुरू हुआ था। कोलकाता में आयोजित हनुमान कथा कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा दुर्गापूजा के समय खान-पान और मांसाहारी भोजन को लेकर कथित टिप्पणी किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
इस मुद्दे पर अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से अलग-अलग राय व्यक्त की गई। कुछ नेताओं ने धीरेंद्र शास्त्री की बातों का समर्थन किया, जबकि कई नेताओं और संगठनों ने उनके बयान पर आपत्ति जताई।
इसी क्रम में आसनसोल में कांग्रेस की ओर से बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाए जाने की घटना सामने आई, जिसके बाद भाजपा ने इसका विरोध शुरू कर दिया। अब भाजपा युवा मोर्चा के प्रदर्शन के बाद यह विवाद और अधिक राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है।
आसनसोल में बढ़ी राजनीतिक हलचल
आसनसोल और पश्चिम बर्दवान क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही काफी सक्रिय रहती हैं। ऐसे में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों से जुड़े विवादों का राजनीतिक दलों के बीच बहस का विषय बनना कोई असामान्य बात नहीं है। बागेश्वर बाबा को लेकर सामने आया यह विवाद भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।
गुरुवार के प्रदर्शन में युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि भाजपा इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए तैयार है। वहीं, कांग्रेस की ओर से पोस्टर जलाने की कार्रवाई को लेकर भाजपा लगातार सवाल उठा रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने धार्मिक आस्था, संतों के सम्मान और लोकतांत्रिक विरोध के तरीके को लेकर अपनी बात रखी। भाजपा नेताओं ने कहा कि विचारों का विरोध विचारों के माध्यम से होना चाहिए और किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक कार्रवाई से बचना चाहिए।
आगे और तेज हो सकता है राजनीतिक विवाद
बागेश्वर बाबा को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल बयान तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर उनके कथित बयान को लेकर विरोध सामने आया, तो दूसरी ओर पोस्टर जलाने की घटना के खिलाफ भाजपा ने प्रदर्शन किया। इससे पूरे मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है।
आसनसोल में भाजपा युवा मोर्चा का प्रदर्शन इसी बढ़ते राजनीतिक टकराव की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। खास तौर पर कांग्रेस नेता प्रसेनजित पुईतुंडी की तस्वीर को पैरों से रौंदने और बाद में आग के हवाले करने की घटना ने प्रदर्शन को और अधिक चर्चा में ला दिया।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और विरोध का सिलसिला आगे किस दिशा में जाता है, यह देखने वाली बात होगी। हालांकि, भाजपा युवा मोर्चा ने गुरुवार के प्रदर्शन के माध्यम से स्पष्ट कर दिया है कि वह बागेश्वर बाबा के पोस्टर जलाए जाने की घटना को लेकर चुप रहने के मूड में नहीं है। वहीं, इस विवाद में कांग्रेस की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होगी।
कुल मिलाकर, बागेश्वर बाबा के कथित बयान से शुरू हुआ विवाद अब आसनसोल की सड़कों तक पहुंच चुका है। पोस्टर जलाने के विरोध में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदर्शन ने स्थानीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। धार्मिक आस्था, खान-पान, सांस्कृतिक पहचान और राजनीतिक विरोध से जुड़े इस विवाद पर आने वाले दिनों में और बयान सामने आने की संभावना बनी हुई है।




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