Monday, 7 September 2026
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बंगाल

दुर्गापूजा से पहले बड़ा धमाका! पूजा कमेटियों को ₹1 लाख, बिजली मुफ्त, दमकल शुल्क भी माफ

Moutushi · 7 September 2026, 5:49 PM

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दुर्गापूजा की तैयारियां शुरू होने के साथ ही त्योहार को लेकर सरकार की ओर से बड़े ऐलानों ने पूजा समितियों के बीच हलचल बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दुर्गापूजा महोत्सव को लेकर पूजा आयोजकों, आम जनता और सरकारी कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं में पूजा समितियों को ₹1 लाख का अनुदान, दुर्गापूजा के दौरान बिजली शुल्क में राहत, दमकल विभाग की फीस से छूट और त्योहार के दौरान लगातार ड्यूटी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूजा के बाद दो दिनों की छुट्टी देने जैसे फैसले शामिल हैं।

दुर्गापूजा पश्चिम बंगाल की पहचान से जुड़ा सबसे बड़ा सांस्कृतिक उत्सव माना जाता है। राज्य के लगभग हर इलाके में छोटे-बड़े पूजा पंडाल बनाए जाते हैं और लाखों लोग पूजा पंडालों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को केवल आर्थिक राहत ही नहीं, बल्कि त्योहार की तैयारियों को व्यवस्थित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पूजा कमेटियों को मिलेगा ₹1 लाख का अनुदान

सबसे बड़ी घोषणा पूजा समितियों के लिए आर्थिक सहायता को लेकर की गई है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूजा कमेटियों को ₹1 लाख का अनुदान देने की बात कही है। इससे पूजा समितियों को पंडाल निर्माण, सजावट, प्रकाश व्यवस्था और आयोजन से जुड़े अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

हर वर्ष पूजा के दौरान बढ़ते खर्च के कारण कई समितियों के सामने आर्थिक दबाव रहता है। विशेष रूप से स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाली पूजा समितियों के लिए प्रायोजन और चंदे से आयोजन का पूरा खर्च जुटाना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सरकारी सहायता मिलने से आयोजकों को काफी राहत मिलने की संभावना है।

हालांकि, अनुदान से संबंधित पात्रता, आवेदन और वितरण की विस्तृत प्रक्रिया को लेकर आधिकारिक दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे। इसलिए पूजा समितियों को प्रशासन की ओर से जारी होने वाली जानकारी पर नजर रखनी होगी।

बिजली के भारी खर्च से भी राहत

दुर्गापूजा के दौरान पंडालों की सजावट और रोशनी पर काफी खर्च होता है। बड़े पंडालों में आकर्षक प्रकाश व्यवस्था के कारण बिजली का खर्च पूजा बजट का बड़ा हिस्सा बन जाता है। सरकार की घोषणा के अनुसार पूजा समितियों को दुर्गापूजा के दौरान बिजली शुल्क से राहत दी जाएगी और बिजली मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

अगर यह व्यवस्था निर्धारित शर्तों के साथ लागू होती है, तो पूजा समितियों के बजट पर इसका सीधा सकारात्मक असर पड़ सकता है। खासकर उन समितियों को फायदा मिलने की उम्मीद है जिनका बजट सीमित है लेकिन पंडाल और प्रकाश व्यवस्था पर खर्च अधिक होता है।

दमकल विभाग की फीस माफ, लेकिन लाइसेंस जरूरी

दुर्गापूजा के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में से एक अग्नि सुरक्षा है। पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण आग से बचाव के इंतजाम बेहद जरूरी होते हैं। सरकार ने पूजा समितियों को दमकल विभाग की फीस में राहत देने की घोषणा की है।

हालांकि, फीस में छूट का अर्थ सुरक्षा नियमों में छूट नहीं है। पूजा समितियों को आवश्यक दमकल अनुमति और निर्धारित अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा। पंडाल में आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजामों को लेकर प्रशासन के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

यानी सरकार की ओर से शुल्क में राहत जरूर दी जा रही है, लेकिन सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

सरकारी नियमों और मर्यादा में मनाएं दुर्गापूजा

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य की सभी पूजा समितियों से दुर्गापूजा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से मनाने की अपील की है। उन्होंने आयोजकों से प्रशासन की ओर से जारी नियमों, सुरक्षा निर्देशों और सरकारी मर्यादा का पालन करने को कहा है।

पूजा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं को लेकर प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इसलिए पूजा समितियों से प्रशासन और पुलिस के साथ सहयोग करने की अपील भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पुलिस-दमकल और प्रशासनिक कर्मचारियों को पूजा के बाद छुट्टी

सरकार की घोषणा का एक अहम हिस्सा उन कर्मचारियों से जुड़ा है जो दुर्गापूजा के दौरान आम लोगों की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने परिवार से दूर ड्यूटी करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि पुलिस, दमकल अधिकारी, सिविल अधिकारी और अन्य सरकारी कर्मचारी, जिन्हें दुर्गापूजा के दौरान अपनी जिम्मेदारी के कारण छुट्टी नहीं मिल पाती, उन्हें पूजा के बाद दो दिनों की छुट्टी दी जाएगी।

दुर्गापूजा के दौरान पुलिसकर्मी लगातार भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था संभालते हैं। दमकलकर्मी पंडालों की सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहते हैं, जबकि प्रशासनिक अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों की व्यवस्था पर नजर रखते हैं। ऐसे कर्मचारियों के लिए पूजा के बाद दो दिन की छुट्टी की घोषणा को राहत भरा फैसला माना जा रहा है।

एक साथ कई राहतों से आयोजकों में बढ़ी उम्मीद

दुर्गापूजा को लेकर की गई घोषणाओं में आर्थिक सहायता और प्रशासनिक राहत दोनों का मिश्रण दिखाई देता है। एक तरफ पूजा समितियों को ₹1 लाख अनुदान देने की घोषणा है, तो दूसरी तरफ बिजली के खर्च में राहत और दमकल विभाग की फीस से छूट की बात कही गई है। वहीं, त्योहार के दौरान ड्यूटी करने वाले सरकारी कर्मचारियों को भी पूजा के बाद दो दिन आराम का अवसर मिलेगा।

इन फैसलों के बीच सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि पूजा समितियां सरकारी सहायता का लाभ लेते हुए सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करें। क्योंकि दुर्गापूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि लाखों लोगों की आस्था, संस्कृति और सामाजिक भागीदारी से जुड़ा महोत्सव है।

सरकार की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि दुर्गापूजा पूरे उत्साह के साथ मनाई जाए, लेकिन इसके साथ सुरक्षा, अनुशासन, प्रशासनिक नियम और सामाजिक मर्यादा का भी पूरा ध्यान रखा जाए। अब पूजा समितियों की नजर इस बात पर रहेगी कि घोषित राहतों को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया कब सामने आती है और इसका लाभ उन्हें किस तरीके से मिलता है।

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