Wednesday, 2 September 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

बांकुड़ा में 72 करोड़ की साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, जंगलमहल से 7 आरोपी गिरफ्तार

Moutushi · 1 September 2026, 12:36 PM

बांकुड़ा: पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में साइबर अपराध से जुड़ी जांच के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई करीब 72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े संभावित नेटवर्क की जांच करते हुए जिला पुलिस ने जंगलमहल इलाके से सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में साइबर अपराध के कथित नेटवर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि गिरफ्तार आरोपियों का देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय साइबर ठगों से किस स्तर तक संपर्क था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल से मिली जानकारी और विभिन्न साइबर अपराधों से संबंधित लेनदेन की जांच के दौरान बांकुड़ा जिले का नाम सामने आया था। जांच में कथित तौर पर यह संकेत मिला कि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों के साथ हुई साइबर ठगी से संबंधित रकम का एक हिस्सा बांकुड़ा जिले के विभिन्न एटीएम और बैंकिंग माध्यमों के जरिए इधर-उधर किया गया। इसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संदिग्ध लेनदेन और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की निगरानी शुरू की।

जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने रानीबंध और हिड़बांध इलाके में विशेष अभियान चलाया। इसी कार्रवाई के दौरान सात संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में रानीबंध इलाके के चार, हिड़बांध इलाके के दो और ओडिशा के बालेश्वर जिले का एक व्यक्ति शामिल है। दूसरे राज्य से जुड़े व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित नेटवर्क का संपर्क पश्चिम बंगाल के बाहर किन-किन इलाकों तक फैला हुआ था।

बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज और डिजिटल सामग्री बरामद

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल सामग्री बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान 34 बैंक पासबुक, 13 एटीएम कार्ड, 9 चेकबुक और 42 सिम कार्ड बरामद किए गए। इसके अलावा आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन और एक टैबलेट भी जब्त किया गया है।

जांच के दौरान पुलिस को 14 पहचान पत्र, 3 यूपीआई स्कैनर और 15 फ्लैश स्टांप मिलने की भी जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी संख्या में बैंकिंग दस्तावेज, सिम कार्ड और डिजिटल उपकरण मिलने के बाद पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार लोगों की भूमिका केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं हो सकती। हालांकि, इस नेटवर्क में प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या थी, इसका खुलासा विस्तृत पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

बैंक खातों और लेनदेन की जांच तेज

पुलिस अब बरामद बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर संबंधित खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। साइबर अपराध के मामलों में ठगी की रकम को कई अलग-अलग खातों के जरिए स्थानांतरित करने की कोशिश की जाती है। ऐसे में जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि बरामद बैंक खातों में किन-किन जगहों से रकम आई और आगे उसे कहां भेजा गया।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद सिम कार्ड और मोबाइल फोन का इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जाता था। डिजिटल उपकरणों की तकनीकी जांच से संभावित संपर्क, संदेश, लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण सुराग सामने आने की उम्मीद है।

देशभर के साइबर अपराध से कनेक्शन की पड़ताल

इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी देश के विभिन्न हिस्सों में हुई साइबर ठगी से संभावित संबंध है। करीब 72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े आंकड़े की जांच के बीच पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि बांकुड़ा में गिरफ्तार लोगों की भूमिका कथित तौर पर रकम के लेनदेन, बैंक खातों की व्यवस्था, सिम कार्ड उपलब्ध कराने या किसी अन्य स्तर पर थी।

जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में अभी भी अन्य लोग हैं। पुलिस को आशंका है कि यदि यह किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा है, तो इसके पीछे और भी लोग सक्रिय हो सकते हैं। इसी वजह से गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर संभावित सहयोगियों और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

साइबर अपराध के खिलाफ बढ़ी चुनौती

बांकुड़ा में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर साइबर अपराध के बदलते स्वरूप को सामने ला दिया है। आज साइबर ठग केवल फोन कॉल या संदेश के जरिए लोगों को निशाना नहीं बनाते, बल्कि बैंक खाते, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश करते हैं।

ऐसे मामलों में पुलिस और साइबर जांच एजेंसियों के लिए बैंकिंग लेनदेन की निगरानी तथा डिजिटल साक्ष्यों को जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। बांकुड़ा पुलिस की मौजूदा जांच में भी बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल सातों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं, ठगी की रकम किन-किन खातों से होकर गुजरी और देश के अन्य साइबर अपराधों से इसका वास्तविक संबंध कितना व्यापक है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां या महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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