Tuesday, 25 August 2026
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आसनसोल-दुर्गापुर

चीनी 80 रुपये किलो पहुंची तो आसनसोल बाजार में उतरे जिला शासक, अचानक जांच से मचा हड़कंप

Moutushi · 25 August 2026, 2:25 PM

आसनसोल: चीनी की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने अब सख्त रुख अपनाया है। आसनसोल बाजार में चीनी की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की शिकायतों के बीच मंगलवार को जिला प्रशासन की टीम ने अचानक बाजार का निरीक्षण किया। जिला शासक एस. पन्नालम के नेतृत्व में टास्क फोर्स की टीम ने आसनसोल के थोक और खुदरा बाजारों का जायजा लिया।

अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हलचल मच गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकानदारों और कारोबारियों से चीनी की खरीद कीमत, बिक्री कीमत और उपलब्ध स्टॉक से संबंधित जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान थोक और खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों के बीच उल्लेखनीय अंतर मिलने की बात सामने आई है। प्रशासन ने अब इस अंतर के कारणों की जांच शुरू करने के संकेत दिए हैं।

70 से 80 रुपये किलो तक पहुंची कीमत

आसनसोल और आसपास के बाजारों में चीनी की बढ़ती कीमतों ने आम ग्राहकों की परेशानी बढ़ा दी है। बाजार में चीनी की कीमत 70 रुपये से बढ़कर कई स्थानों पर 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है।

चीनी रोजमर्रा की जरूरतों में शामिल प्रमुख खाद्य पदार्थ है। चाय, मिठाई और घरेलू उपयोग के अलावा छोटे दुकानदारों तथा विभिन्न खाद्य कारोबारों में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में कीमतों में अचानक बढ़ोतरी का सीधा असर घरेलू बजट और छोटे कारोबारियों पर पड़ सकता है।

कीमत बढ़ने की वजह को लेकर ग्राहकों के बीच भी असमंजस की स्थिति है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बाजार में वास्तविक खरीद और बिक्री मूल्य की जानकारी जुटाने का फैसला किया है।

जिला शासक ने खुद लिया बाजार का जायजा

जिला शासक एस. पन्नालम ने टास्क फोर्स के अधिकारियों के साथ आसनसोल के विभिन्न बाजार क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने थोक कारोबारियों और खुदरा दुकानदारों से चीनी की कीमतों के संबंध में जानकारी ली।

प्रशासन की ओर से यह समझने का प्रयास किया गया कि थोक बाजार से चीनी किस कीमत पर खरीदी जा रही है और खुदरा बाजार में ग्राहकों को किस कीमत पर बेची जा रही है।

निरीक्षण के दौरान दोनों स्तरों की कीमतों में अंतर मिलने की बात जिला शासक ने कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कीमत अधिक होने की जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी, बल्कि कीमत बढ़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाना भी जरूरी है।

थोक और खुदरा कीमतों में अंतर पर प्रशासन की नजर

जिला शासक एस. पन्नालम ने कहा कि चीनी की बढ़ती कीमतों पर जिला प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। थोक और खुदरा बाजार दोनों की जांच की जा रही है।

उन्होंने बताया कि निरीक्षण के दौरान दोनों बाजारों की कीमतों में काफी अंतर दिखाई दिया है। इस अंतर को विभागीय स्तर पर जांचा जाएगा। साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि खाद्य सामग्री की कीमतें किन परिस्थितियों में बढ़ रही हैं।

प्रशासन यह भी देखेगा कि बाजार में सामान की आपूर्ति सामान्य है या नहीं और कीमतों में बढ़ोतरी के पीछे आपूर्ति, खरीद लागत अथवा अन्य कोई कारण है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

अचानक कार्रवाई से कारोबारियों में मचा हड़कंप

जिला प्रशासन और टास्क फोर्स के अचानक बाजार पहुंचने से आसनसोल के कारोबारियों में हलचल देखी गई। अधिकारियों ने बाजार की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया और संबंधित व्यापारियों से आवश्यक जानकारी जुटाई।

प्रशासन का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब महंगाई को लेकर आम लोगों की चिंता पहले से बढ़ी हुई है। खाद्य सामग्री की कीमतों में किसी भी तरह की अचानक बढ़ोतरी का असर सीधे घरेलू बजट पर पड़ता है।

इसलिए प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर निगरानी जारी रहेगी। केवल एक दिन के निरीक्षण के बाद अभियान समाप्त नहीं होगा, बल्कि आने वाले दिनों में भी बाजारों पर नजर रखी जाएगी।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद निगरानी तेज

जिला शासक ने बताया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निर्देश के अनुसार बाजार में आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों की निगरानी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को उचित मूल्य पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हों।

उन्होंने संकेत दिया कि चीनी के अलावा अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी नजर रखी जा सकती है। यदि किसी वस्तु की कीमत में असामान्य वृद्धि दिखाई देती है, तो उसके कारणों की जांच की जाएगी।

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि बाजार में पारदर्शिता बनाए रखना और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना प्राथमिकता है।

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

औचक निरीक्षण के दौरान आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी ध्रुव दास, आसनसोल नगर निगम के कमिश्नर, पुलिस अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त मौजूदगी से कार्रवाई को गंभीरता मिली। बाजार निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कीमतों और कारोबार से जुड़ी जानकारी एकत्र की।

प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिया गया कि यदि किसी व्यापारी द्वारा ग्राहकों से अनुचित कीमत वसूलने या बाजार में किसी प्रकार की अनियमितता करने की बात जांच में सामने आती है, तो मामले को संबंधित विभाग के समक्ष रखा जाएगा।

आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा अभियान

जिला प्रशासन ने साफ किया है कि बाजार में कीमतों की निगरानी का अभियान लगातार जारी रहेगा। आने वाले दिनों में आसनसोल के अन्य बाजारों और खाद्य सामग्री की कीमतों की भी जांच की जा सकती है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि चीनी की कीमत 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंचने के पीछे वास्तविक कारण क्या है और थोक तथा खुदरा कीमतों में कितना अंतर है। प्रशासन की जांच के बाद इन सवालों का जवाब सामने आने की उम्मीद है।

आसनसोल बाजार में जिला शासक के औचक निरीक्षण ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि आवश्यक खाद्य वस्तुओं की कीमतों को लेकर प्रशासन अब सतर्क है। आम लोगों को उम्मीद है कि जांच के बाद बाजार में कीमतों को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी और यदि कहीं अनियमितता पाई जाती है तो उस पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

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