आसनसोल, 13 अगस्त 2026: देशभर में चल रहे ‘10 करोड़ नशामुक्ति शपथ महाअभियान’ के तहत गुरुवार को आसनसोल के चंदा स्थित परबती टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन (बी.एड. एवं डी.एल.एड. कॉलेज) में एक विशेष नशामुक्ति शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम नशा मुक्त भारत अभियान और मिशन स्पंदन के अंतर्गत प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा युवाओं को स्वस्थ, संस्कारयुक्त और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
विद्यार्थियों ने लिया नशा न करने का संकल्प
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली। उपस्थित वक्ताओं ने युवाओं से तंबाकू, शराब, नशीले पदार्थों और अन्य व्यसनों से दूर रहने का आह्वान किया। साथ ही यह संदेश दिया गया कि शिक्षा, आत्मअनुशासन, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जागरूकता ही एक मजबूत और स्वस्थ समाज के निर्माण की आधारशिला हैं।
कार्यक्रम में मौजूद रहे कई विशिष्ट अतिथि
इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य, भाजपा युवा नेता अपूर्व हाजरा, परबती टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष एवं सह-संस्थापक सचिन्द्र नाथ राय तथा सह-संस्थापक मीता राय उपस्थित रहे।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से ब्रह्माकुमारी संगीता बहन, ब्रह्माकुमारी संध्या बहन, ब्रह्माकुमारी डोलन बहन और ब्रह्माकुमार पार्थ भाई ने कार्यक्रम का संचालन किया और विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
युवा पीढ़ी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिन्द्र नाथ राय ने ब्रह्माकुमारी संस्था की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों, परिवारों और समाज को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अच्छे संस्कार और सही दिशा भी देना आवश्यक है, ताकि वे देश के जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
नशामुक्त भारत के निर्माण का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति शपथ लेते हुए स्वस्थ, सशक्त और व्यसनमुक्त भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम युवाओं को सही दिशा देने और समाज को नशामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण का एक सकारात्मक संदेश दिया।

