जामुड़िया के तपसी में बदली सियासी तस्वीर! तृणमूल कार्यालय में खुला भाजपा दफ्तर

जामुड़िया: जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के तपसी इलाके में रविवार को उस समय राजनीतिक चर्चा तेज हो गई, जब तृणमूल कांग्रेस के पुराने पार्टी कार्यालय में भाजपा का कार्यालय शुरू कर दिया गया। पश्चिम बर्दवान जिला भाजपा अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने फीता काटकर नए भाजपा कार्यालय का उद्घाटन किया। पुराने तृणमूल कार्यालय में भाजपा का दफ्तर शुरू होने के बाद इलाके में इसे लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है।

२०२१ के बाद तृणमूल का था यह कार्यालय

स्थानीय राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, वर्ष २०२१ के विधानसभा चुनाव के बाद तत्कालीन विधायक हरेराम सिंह ने तपसी इलाके में तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय का उद्घाटन किया था। इसके बाद लंबे समय तक इसी कार्यालय से तृणमूल की विभिन्न सांगठनिक गतिविधियां संचालित होती रही थीं।

अब उसी स्थान पर भाजपा का कार्यालय शुरू होने के बाद स्थानीय राजनीति में इसे एक महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

सत्ता परिवर्तन के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

राज्य में ४ मई २०२६ को सत्ता परिवर्तन के बाद विभिन्न इलाकों में राजनीतिक कार्यालयों को लेकर विवाद और चर्चाएं सामने आई थीं। कुछ स्थानों पर विपक्षी दलों के कार्यालयों पर कब्जे के आरोप भी लगे थे।

हालांकि, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से कथित तौर पर कार्यकर्ताओं को विपक्षी दलों के कार्यालयों पर कब्जा नहीं करने का निर्देश दिए जाने की बात सामने आई थी। कुछ जगहों पर विवादित कार्यालय संबंधित राजनीतिक दलों को वापस किए जाने की खबरें भी सामने आई थीं।

ऐसे में तपसी में पुराने तृणमूल कार्यालय को भाजपा कार्यालय के रूप में शुरू किए जाने से कई सवाल उठ रहे हैं।

‘किस आधार पर शुरू हुआ भाजपा कार्यालय?’

स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि पार्टी नेतृत्व ने विपक्षी दलों के कार्यालयों पर कब्जा नहीं करने का निर्देश दिया था, तो फिर तपसी के इस कार्यालय को भाजपा कार्यालय के रूप में किस आधार पर शुरू किया गया?

हालांकि, इस मामले में भाजपा की ओर से कार्यालय शुरू किए जाने को लेकर अलग वजह बताई गई है।

लाभार्थी संपर्क अभियान पर जोर

भाजपा के पश्चिम बर्दवान जिला अध्यक्ष देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि तपसी इलाके में भाजपा कार्यालय का उद्घाटन किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल पार्टी की ओर से लाभार्थी संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

उनके अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना और पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करना है। इसके लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को भी सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है।

देवतनु भट्टाचार्य के मुताबिक, इसी संगठनात्मक जरूरत को देखते हुए स्थानीय स्तर पर पार्टी कार्यालय की आवश्यकता महसूस की गई।

‘बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ है, परिस्थितियां बदली हैं’

पुराने तृणमूल कार्यालय में भाजपा का दफ्तर शुरू किए जाने को लेकर सवाल पूछे जाने पर देवतनु भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में सत्ता परिवर्तन हुआ है और परिस्थितियां बदलने के साथ कई चीजों में भी बदलाव आता है।

उन्होंने कहा कि इसी बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में तपसी में भाजपा कार्यालय शुरू किया गया है। साथ ही उन्होंने आने वाले दिनों में राज्य में और भी कई बदलाव देखने को मिलने का संकेत दिया।

देवतनु भट्टाचार्य ने इन बदलावों का उद्देश्य बंगाल का विकास बताया।

स्थानीय राजनीति में बढ़ी हलचल

पुराने तृणमूल कार्यालय में भाजपा का कार्यालय शुरू होने के बाद तपसी की स्थानीय राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा इसे संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने की जरूरत के रूप में देख रही है।

वहीं, दूसरी ओर विपक्षी दल के पुराने कार्यालय में भाजपा का कार्यालय शुरू किए जाने को लेकर कब्जे से जुड़े सवाल भी उठ रहे हैं। इस मामले में संबंधित तृणमूल नेतृत्व की ओर से प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है राजनीतिक गर्मी

तपसी की घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक संगठनों की गतिविधियां नए सिरे से आकार ले रही हैं। ऐसे में किसी पुराने राजनीतिक कार्यालय का नए दल के कार्यालय में बदलना स्थानीय स्तर पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

फिलहाल भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना है कि नए कार्यालय के माध्यम से पार्टी की सांगठनिक गतिविधियों को मजबूत किया जाएगा। लाभार्थी संपर्क अभियान के अलावा आने वाले दिनों में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों को भी इसी कार्यालय से गति देने की तैयारी है।

रविवार के उद्घाटन कार्यक्रम में भाजपा के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। अब इस कार्यालय को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर तृणमूल कांग्रेस की प्रतिक्रिया क्या होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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