दुर्गापुर:
पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। आरोप है कि नाबालिग छात्रों को पैसों का लालच देकर उनसे रक्तदान कराया गया, जो न केवल गैरकानूनी है बल्कि बच्चों की सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
⚠️ कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस जांच के दौरान सबसे पहले स्कूल के पूर्व छात्र देवप्रिय चक्रवर्ती का नाम सामने आया। आरोप है कि वह नाबालिग छात्रों को पैसों का लालच देकर एक निजी अस्पताल ले जाता था और वहां उनका रक्तदान कराया जाता था।
पूछताछ में देवप्रिय ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि उसे इस काम में टीएमसीपी सदस्य अमितप्रसाद यादव ने शामिल किया था। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए अमितप्रसाद यादव को भी गिरफ्तार कर लिया।
🔍 जांच में सामने आया तीसरा नाम
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस को इस पूरे मामले में एक और कड़ी मिली। मालदा निवासी मोहम्मद हबीबुल्लाह का नाम सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
🏥 अस्पताल की भूमिका पर सवाल
आरोप है कि कुछ दिन पहले बिधाननगर स्थित एक निजी अस्पताल में कई नाबालिग छात्रों से रक्तदान कराया गया। इस घटना के बाद अस्पताल की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। क्या अस्पताल प्रशासन को इस बात की जानकारी थी कि दान करने वाले छात्र नाबालिग हैं? यह अब जांच का अहम हिस्सा बन चुका है।
🚔 क्या है बड़ा रैकेट?
पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि यह सिर्फ तीन लोगों की करतूत थी या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित ब्लड रैकेट सक्रिय है। अगर ऐसा है, तो यह मामला और भी गंभीर हो सकता है।
⚖️ अदालत में पेशी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों—देवप्रिय चक्रवर्ती, अमितप्रसाद यादव और मोहम्मद हबीबुल्लाह—को आज दुर्गापुर महकमा अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जल्द ही और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
❗ बड़ा सवाल
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर हम कितने सजग हैं? क्या पैसे के लालच में मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है?
👉 फिलहाल पूरे मामले पर पुलिस की नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में इस केस में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

