Saturday, 24 October 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
जामुड़िया की श्याम सेल फैक्ट्री में श्रमिक की असामान्य मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग पर हंगामा सपने में मां लक्ष्मी ने दिया था पूजा का आदेश! खांद्रा के सिंह परिवार में 178 साल से निभाई जा रही परंपरा दुर्गापुर में विजया के बैनर को लेकर तृणमूल-भाजपा में भिड़ंत, युवक को नाले में फेंककर पीटने का आरोप रूपनारायणपुर के मालबहाल मैदान में पुलिस की छापेमारी, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार नियामतपुर में दुर्गा विसर्जन पर दिखा शिव तांडव का अद्भुत नजारा, सड़क के दोनों ओर उमड़ी भारी भीड़ दुर्गापुर में आधी रात को तांडव! तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों पर ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप, सीसीटीवी से मचा हड़कंप जामुड़िया की श्याम सेल फैक्ट्री में श्रमिक की असामान्य मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग पर हंगामा सपने में मां लक्ष्मी ने दिया था पूजा का आदेश! खांद्रा के सिंह परिवार में 178 साल से निभाई जा रही परंपरा दुर्गापुर में विजया के बैनर को लेकर तृणमूल-भाजपा में भिड़ंत, युवक को नाले में फेंककर पीटने का आरोप रूपनारायणपुर के मालबहाल मैदान में पुलिस की छापेमारी, देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ 22 वर्षीय युवक गिरफ्तार नियामतपुर में दुर्गा विसर्जन पर दिखा शिव तांडव का अद्भुत नजारा, सड़क के दोनों ओर उमड़ी भारी भीड़ दुर्गापुर में आधी रात को तांडव! तृणमूल कार्यकर्ताओं के घरों पर ईंट-पत्थर फेंकने का आरोप, सीसीटीवी से मचा हड़कंप
आसनसोल-दुर्गापुर

दुर्गापुर में बुलडोजर एक्शन से मचा सियासी तूफान, श्रमिक संगठनों के दफ्तर ढहे

Moutushi · 15 July 2026, 12:29 PM

दुर्गापुर: शहर में मंगलवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) ने पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी में सरकारी जमीन पर बने कई श्रमिक संगठनों के कार्यालयों पर बुलडोजर चला दिया। इस कार्रवाई में सीटू (सीआईटीयू), कांग्रेस समेत कई वामपंथी संगठनों के दफ्तरों को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई के बाद दुर्गापुर की राजनीति में उबाल आ गया है। जहां एक ओर प्रशासन इसे अवैध अतिक्रमण हटाने की नियमित प्रक्रिया बता रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे श्रमिक संगठनों को कमजोर करने की साजिश करार दिया है।

⚠️ एडीडीए का पक्ष

एडीडीए अधिकारियों के अनुसार, जिन कार्यालयों को हटाया गया, वे लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने हुए थे। संबंधित संगठनों को कई बार नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद नियमानुसार बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया गया।

😡 विपक्ष का आरोप—“राजनीतिक बदले की कार्रवाई”

दूसरी ओर सीटू और कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई का तीखा विरोध किया है। उनका कहना है कि ये कार्यालय वर्षों पुराने हैं और श्रमिकों की आवाज उठाने का केंद्र रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने उनकी अपील को नजरअंदाज करते हुए जबरन कार्रवाई की।

विपक्षी संगठनों का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है और इसके पीछे नवान्न (राज्य सचिवालय) का निर्देश हो सकता है। उनका कहना है कि श्रमिकों के हक की लड़ाई लड़ने वाले संगठनों को कमजोर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

🔥 बढ़ सकता है विवाद

इस घटना के बाद दुर्गापुर में सियासी पारा चढ़ गया है। विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है, जिससे प्रशासन और विपक्ष के बीच टकराव तेज होने की संभावना है।

🔍 क्या कहती है जनता?

स्थानीय लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, जबकि कई लोग इसे अचानक और कठोर कदम मान रहे हैं।

👉 फिलहाल, दुर्गापुर में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
⚠️ क्या यह सिर्फ अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई है या इसके पीछे है कोई राजनीतिक रणनीति?
इस सवाल का जवाब आने वाले दिनों में साफ हो सकता है…

Advertisement