दुर्गापुर (पश्चिम बर्दवान): दुर्गापुर इस्पात कारखाने में शुक्रवार रात एक दर्दनाक हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया। ड्यूटी के दौरान एक ठेका मजदूर की लैडल में गिरने से मौत हो गई, जिसके बाद सहकर्मियों में भारी आक्रोश फैल गया और उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
🚨 कैसे हुआ हादसा?
👉 मृतक की पहचान शेख शहीदुल (उम्र 26 वर्ष) के रूप में हुई है, जो दुर्गापुर के आरती गांव के निवासी थे
👉 वह शुक्रवार रात की शिफ्ट में दुर्गापुर इस्पात कारखाने के नंबर-2 ब्लास्ट फर्नेस में रखरखाव का काम कर रहे थे
👉 प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार—
❗ काम के दौरान अचानक एक रॉड टूट गई
❗ संतुलन बिगड़ने से वह सीधे लैडल में गिर गए
❗ मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई

🗣️ सहकर्मियों का दावा
मृतक के सहकर्मी मनोज रुईदास ने बताया—
👉 “हम दोनों साथ में काम कर रहे थे। मैं कुछ देर के लिए बाहर गया था”
👉 “वापस आकर देखा तो शहीदुल नहीं थे, बाद में पता चला कि वह लैडल में गिर गए”
👉 “ऐसा लगता है कि रॉड टूटने की वजह से यह हादसा हुआ”
⚡ सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
👉 घटना के बाद मजदूरों में गुस्सा फूट पड़ा
👉 सहकर्मियों ने आरोप लगाया कि—
❗ कारखाने में सुरक्षा मानकों का ठीक से पालन नहीं हो रहा
❗ हादसे को रोका जा सकता था
🪧 फैक्ट्री गेट पर प्रदर्शन
👉 बड़ी संख्या में मजदूर कारखाने के बाहर इकट्ठा हुए
👉 जोरदार प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की
👉 उनकी प्रमुख मांगें—
✔️ मृतक के परिवार को उचित मुआवजा
✔️ परिवार के एक सदस्य को नौकरी
✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष जांच
✔️ फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए

📊 बढ़ता दबाव, जांच की मांग
👉 इस घटना के बाद प्रबंधन पर दबाव बढ़ गया है
👉 स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है
👉 सूत्रों के अनुसार—
👉 प्रशासन और प्रबंधन दोनों से रिपोर्ट मांगी जा सकती है
✨ निष्कर्ष
दुर्गापुर इस्पात कारखाने में यह हादसा—
👉 एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है
👉 एक परिवार ने अपना सदस्य खो दिया,
👉 और मजदूरों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है
👉 अब देखना होगा—
👉 क्या दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होती है
👉 और क्या भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।


