सालानपुर में सियासी संग्राम! टीएमसी-बीजेपी भिड़ंत में कई घायल, इलाके में तनाव

सालानपुर (पश्चिम बर्धमान): पश्चिम बर्धमान जिले के सालानपुर ब्लॉक के अचारा इलाके में शुक्रवार देर रात तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के समर्थकों के बीच हुई हिंसक झड़प ने पूरे क्षेत्र को तनाव के माहौल में झोंक दिया। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

⚡ कैसे शुरू हुआ विवाद?

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार—
👉 पंचायत कार्यालय के पास एक घर के सामने खड़ी दो पिकअप वैन को देखकर कुछ बीजेपी कार्यकर्ताओं ने देर रात सामान उतारे जाने पर सवाल उठाया
👉 इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच पहले कहासुनी हुई
👉 देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया

🚨 हिंसा में कई घायल

👉 तृणमूल के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें आसनसोल जिला अस्पताल भेजा गया
👉 बीजेपी का दावा है कि उनके करीब 10 कार्यकर्ताओं के सिर में चोटें आई हैं
👉 कुछ घायलों का इलाज पिठाकेरी अस्पताल में किया गया, जबकि अन्य को रेफर किया गया

🔥 बाइक जलाने की कोशिश, हथियारों के इस्तेमाल का आरोप

👉 तृणमूल का आरोप है कि बीजेपी समर्थकों ने मोटरसाइकिल में आग लगाने की कोशिश की
👉 वहीं बीजेपी का आरोप है कि पल्लव तिवारी और रोनी तिवारी ने बंदूक और नकल-डस्टर जैसे हथियारों से हमला किया

🗣️ नेताओं के आरोप-प्रत्यारोप

👉 तृणमूल नेता पल्लव तिवारी ने बीजेपी नेता चिन्मय तिवारी पर हमले की साजिश का आरोप लगाया
👉 हालांकि चिन्मय तिवारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा—
“मैं हिंसा में विश्वास नहीं करता, सभी से अपील है कि कानून को हाथ में न लें।”

👉 पल्लव तिवारी के बड़े भाई संजय सुकुल का दावा है कि—
👉 उनके निजी स्कूल के लिए किताबें और नोटबुक उतारी जा रही थीं
👉 तभी 10-15 लोगों का समूह लाठी और लोहे की रॉड लेकर पहुंचा और हमला कर दिया

👮‍♂️ पुलिस की कार्रवाई

👉 स्थिति बिगड़ने पर रूपनारायणपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची
👉 काफी मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया गया
👉 इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है

🏥 अस्पताल में भर्ती, इलाके में तनाव बरकरार

👉 कई घायलों का इलाज जारी है
👉 पूरे इलाके में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है
👉 पुलिस दोनों पक्षों से शिकायत लेकर जांच में जुट गई है

🗨️ अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

👉 कांग्रेस नेता प्रसेनजीत पुइटुंडी ने घटना की निंदा करते हुए कहा—
👉 “राजनीतिक हिंसा लोकतंत्र के लिए खतरनाक है, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”

✨ निष्कर्ष

सालानपुर के अचारा की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि—
👉 क्या राजनीतिक मतभेद अब हिंसा का रूप ले रहे हैं?

👉 फिलहाल पुलिस जांच में जुटी है और सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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