दुर्गापुर (पश्चिम बर्धमान): पंचायत स्तर पर बुनियादी सेवाएं नहीं मिलने से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा मंगलवार को कांकसा के गोपालपुर ग्राम पंचायत में फूट पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि गुस्साई भीड़ ने पंचायत कार्यालय में ताला जड़ दिया और प्रधान व उपप्रधान को निशाना बनाते हुए अंडे फेंके। पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसे संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
🚨 पंचायत कार्यालय पर तालाबंदी
ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें पंचायत से कोई ठोस सुविधा नहीं मिल रही है।
इसी आक्रोश के चलते बड़ी संख्या में लोग पंचायत कार्यालय पहुंचे और पहले प्रधान व उपप्रधान के कमरों को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया।
इसके बाद स्थिति और उग्र हो गई और मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया गया।

😡 “चोर-चोर” के नारों से गूंजा इलाका
जब प्रधान और उपप्रधान बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी भीड़ ने उनके ऊपर अंडे फेंके और “चोर-चोर” के नारे लगाए।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया और माहौल बेहद गर्म हो गया।
⚠️ क्या हैं ग्रामीणों के आरोप?
प्रदर्शनकारियों ने पंचायत प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए—
✔️ सड़कें जर्जर हालत में, मरम्मत का कोई प्रयास नहीं
✔️ बरसात में प्रभावित परिवारों को तिरपाल नहीं दिया जा रहा
✔️ अन्नपूर्णा योजना के आवेदन तक स्वीकार नहीं किए जा रहे
✔️ सरकारी योजनाओं का लाभ राजनीतिक आधार पर दिया जा रहा
👉 ग्रामीणों का कहना है कि आम लोगों को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
👮 पुलिस ने संभाली स्थिति
स्थिति बेकाबू होते देख कांकसा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
पुलिस की तत्परता से किसी बड़ी अप्रिय घटना को टाल दिया गया।

🗣️ राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
भारतीय जनता पार्टी के चार नंबर मंडल के कोषाध्यक्ष कार्तिक मिस्त्री ने आरोप लगाते हुए कहा—
👉 “सरकार बदलने के बाद हमने पंचायत को बिना डर के काम करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब पंचायत आम लोगों के हित में काम नहीं कर रही है। यही कारण है कि लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।”
📢 प्रशासन पर उठे सवाल
घटना के बाद प्रशासन और पंचायत की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते समस्याओं का समाधान किया जाता, तो आज ऐसी स्थिति नहीं बनती।
✨ बड़ा सवाल
👉 क्या पंचायत स्तर पर आम जनता को उनका हक मिल रहा है या सब कुछ राजनीति के इशारों पर चल रहा है?
दुर्गापुर के गोपालपुर की यह घटना केवल एक विरोध नहीं, बल्कि ग्रामीणों की बढ़ती नाराजगी का संकेत है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गुस्से को शांत करने के लिए क्या कदम उठाता है।


