आसनसोल: पश्चिम बर्धमान जिले के सालानपुर ब्लॉक अंतर्गत रूपनारायणपुर के पास आछड़ा गांव में आधी रात एक भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि एक बहुमंजिला मकान और कपड़ों की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस दर्दनाक हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
🔥 अचानक भड़की आग, मच गया हड़कंप
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सामडी रोड (आसनसोल-चित्तरंजन संपर्क मार्ग) पर रहने वाले व्यवसायी उदय घोष का तीन मंजिला मकान है, जिसके भूतल पर उनकी बड़ी कपड़ों की दुकान स्थित थी। पूजा के मौसम को देखते हुए दुकान में भारी मात्रा में नया कपड़ा और महंगा सामान रखा गया था।
बताया जा रहा है कि रात करीब डेढ़ बजे अचानक दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी दुकान लपटों में घिर गई।
😱 आग बुझाने गए, खुद झुलस गए
नींद से जागकर उदय घोष ने हिम्मत दिखाते हुए घर के अंदर से दरवाजा खोलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा खोलते ही तेज लपटों और भीषण गर्मी ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

इस हादसे में उदय घोष और उनकी पत्नी पम्पा घोष के पैर घुटनों तक बुरी तरह जल गए, जबकि एक 12 वर्षीय किशोर का हाथ गंभीर रूप से झुलस गया।
🚔 पुलिस और स्थानीय लोगों ने बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही रूपनारायणपुर फाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस की मदद से तीनों घायलों को छत से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायलों को पहले पिठाकियारी ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आसनसोल के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल तीनों का इलाज जारी है।
💔 एक रात में खत्म हुई सालों की मेहनत
आग इतनी भीषण थी कि दुकान में रखा एक भी सामान नहीं बच पाया। सभी कपड़े, फर्नीचर और लाखों का माल जलकर राख हो गया। मकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
व्यवसायी उदय घोष की वर्षों की मेहनत और पूजा के लिए किया गया बड़ा निवेश एक ही रात में खाक हो गया।

❗ शॉर्ट सर्किट या साजिश? उठ रहे सवाल
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
गौरतलब है कि पम्पा घोष पहले सालानपुर पंचायत समिति की तृणमूल कांग्रेस की निर्वाचित सदस्य रह चुकी हैं, हालांकि हाल के दिनों में उन्होंने राजनीति से दूरी बना ली थी।
🚒 फायर स्टेशन की मांग फिर हुई तेज
इस भीषण हादसे के बाद एक बार फिर रूपनारायणपुर इलाके में स्थायी अग्निशमन केंद्र (फायर स्टेशन) की मांग तेज हो गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि इलाके में फायर स्टेशन नहीं होने के कारण दमकल की गाड़ियां देर से पहुंचती हैं, जिससे नुकसान कई गुना बढ़ जाता है।
⚠️ बड़ा सवाल
क्या यह सिर्फ एक हादसा था या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है?
👉 जवाब तलाशने में जुटी है पुलिस, जबकि पूरे इलाके की निगाहें अब जांच पर टिकी हैं।


