आसनसोल: टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से जुड़ी लंबित समस्याओं को लेकर गुरुवार को जिले में बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (पश्चिम बंगाल विद्यालय शिक्षा) के बैनर तले एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शासक कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों ने डीएम कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया और अपनी आवाज बुलंद की। उनका कहना था कि लंबे समय से टेट अभ्यर्थियों की कई महत्वपूर्ण समस्याएं अनसुलझी पड़ी हैं, जिससे योग्य उम्मीदवारों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महासंघ के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम एक विस्तृत स्मारपत्र भेजा। इसमें उन्होंने टेट से जुड़ी सभी लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि योग्य उम्मीदवारों को समय पर न्याय नहीं मिला, तो इससे न केवल युवाओं का भविष्य प्रभावित होगा, बल्कि शिक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होंगे।
इस दौरान संगठन के नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और जटिलताओं के कारण हजारों उम्मीदवार लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा पार करने की कगार पर हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षाकर्मी और अभ्यर्थी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई और सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद जताई।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस प्रदर्शन के बाद अब नजरें केंद्र और राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।


