बाराबनी: पश्चिम बंगाल के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र के पांचगछिया इलाके में एक सरकारी कम्युनिटी सेंटर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि इस सरकारी भवन का उपयोग लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस के पार्टी कार्यालय के रूप में किया जा रहा था।
बताया जा रहा है कि बाराबनी के पूर्व विधायक एवं आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय के प्रभाव में यह कम्युनिटी सेंटर पार्टी दफ्तर के रूप में संचालित हो रहा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से यहां राजनीतिक गतिविधियां चल रही थीं, जबकि यह भवन आम जनता के उपयोग के लिए बनाया गया था।
सत्ता परिवर्तन के बाद प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। बाराबनी बीडीओ कार्यालय की पहल पर संबंधित सरकारी संपत्ति को अपने कब्जे में लेते हुए भवन पर ताला लगा दिया गया। साथ ही, वहां एक आधिकारिक नोटिस भी चस्पा किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह एक सरकारी संपत्ति है और इसका दुरुपयोग किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर यह भवन सरकारी कम्युनिटी सेंटर था, तो इतने लंबे समय तक वहां एक राजनीतिक दल का कार्यालय कैसे चलता रहा? क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे मामले से अनजान थे या जानबूझकर नजरअंदाज किया गया?
स्थानीय लोगों के बीच इस घटना को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग प्रशासन की इस कार्रवाई को सही ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना ने सरकारी संपत्तियों के उपयोग और उनकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह मामला और भी तूल पकड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
फिलहाल, पांचगछिया का यह कम्युनिटी सेंटर ताले में बंद है और पूरे इलाके की नजरें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।


