चिनाकुड़ी: पश्चिम बंगाल के चिनाकुड़ी 1, 2 और 3 पिट्स कोलियरी क्षेत्र में स्थानीय रोजगार को लेकर एक बार फिर असंतोष उभरकर सामने आया है। समस्ता ग्राम कमेटी ने इनोवेटिव माइनिंग प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड (एमडीओ) के प्रबंधन को एक सख्त नोटिस सौंपते हुए अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की चेतावनी दी है।
कमेटी का आरोप है कि वर्तमान में कोलियरी में प्रतिदिन 350 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन इनमें से केवल 29 ही स्थानीय श्रमिक हैं। बाकी अधिकांश मजदूर पश्चिम बंगाल के बाहर से लाए गए हैं। इतना ही नहीं, कुछ मजदूरों से डबल शिफ्ट में काम कराने का भी आरोप लगाया गया है, जिससे श्रम कानूनों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि पहले 55 स्थानीय श्रमिक कंपनी के अधीन कार्यरत थे, लेकिन धीरे-धीरे उनकी संख्या घटाकर केवल 29 कर दी गई है। इसको लेकर स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। कमेटी का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रबंधन को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
इसी के चलते समस्ता ग्राम कमेटी ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया, तो 16 जून 2026 से चिनाकुड़ी 1, 2 और 3 पिट्स कोलियरी में सभी प्रकार के खनन कार्यों के खिलाफ जोरदार आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिससे उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।
कमेटी की प्रमुख मांगों में स्थानीय लोगों को 90 प्रतिशत रोजगार में प्राथमिकता देना, कोयला खनन से प्रभावित भूमि और मकानों के लिए उचित मुआवजा, सरकारी नियमों के अनुसार वेतन भुगतान, सभी मजदूरों के लिए कैंटीन सुविधा, श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए चिकित्सा सुविधा तथा क्षेत्र में सार्वजनिक सुनवाई आयोजित करना शामिल है।
इसके अलावा, कमेटी ने बाहरी राज्यों के मजदूरों को हटाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने और चिनाकुड़ी कोलियरी के 5 किलोमीटर के दायरे में मुफ्त एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। अब देखना होगा कि प्रबंधन इस चेतावनी के बाद क्या कदम उठाता है और क्या समय रहते इस विवाद का समाधान हो पाता है या नहीं।


