कोलकाता/दिल्ली:
पश्चिम बंगाल में स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य अब आधिकारिक रूप से केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना से जुड़ने जा रहा है। सोमवार को दिल्ली में इस ऐतिहासिक कदम के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
🏥 दिल्ली में होगा बड़ा समझौता
इस खास कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगतर प्रकाश नड्डा की मौजूदगी रहने वाली है। दोनों नेताओं की उपस्थिति इस समझौते को और भी महत्वपूर्ण बना रही है।
🔄 सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ा फैसला
गौरतलब है कि वर्ष 2018 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना को पहले पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया गया था। लेकिन राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद नई सरकार ने इसे लागू करने का फैसला लिया और अब यह प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
👨👩👧👦 6 करोड़ लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के अनुसार, राज्य में पहले से चल रही स्वास्थ्य साथी योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे करीब 6 करोड़ लोगों को अब आयुष्मान भारत योजना में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा नए लाभार्थियों के लिए भी इस योजना के दरवाजे खोले जाएंगे।

💰 क्या है आयुष्मान भारत योजना?
आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है। इसके तहत पात्र परिवारों को हर साल लाखों रुपये तक का मुफ्त इलाज सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मिलता है।
⚠️ पिछली सरकार पर आरोप
राज्य सरकार का कहना है कि पिछली सरकार ने केंद्र की योजनाओं के साथ सहयोग नहीं किया, जिससे लाखों लोग इन सुविधाओं से वंचित रह गए।
23 मई को नवान्न में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा था कि पूर्ववर्ती सरकार ने विकास के बजाय विरोध की राजनीति की, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा।
📊 36वां राज्य बनेगा पश्चिम बंगाल
आयुष्मान भारत योजना से जुड़ने के बाद पश्चिम बंगाल देश का 36वां राज्य बन जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे देश में स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
🚑 आम जनता को क्या होगा फायदा?
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के लागू होने से पश्चिम बंगाल के लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को इलाज के खर्च से राहत मिलेगी।
बेहतर अस्पताल सुविधाएं, मुफ्त इलाज और आर्थिक सुरक्षा—ये सभी फायदे अब राज्य के लोगों को आसानी से मिल सकेंगे।
👉 कुल मिलाकर, यह फैसला पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य ढांचे में एक बड़ा परिवर्तन ला सकता है और लाखों लोगों के लिए बेहतर इलाज का रास्ता खोल सकता है।















