पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है, जहां कथित ‘पुष्पा’ चैट कांड ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस विवाद के केंद्र में रहे मालदा जिले के हरिश्चंद्रपुर-1 ब्लॉक के बीडीओ शानु बक्सी को आखिरकार उनके पद से हटा दिया गया है। राज्य सचिवालय नवान्न ने इस संबंध में नई अधिसूचना जारी करते हुए उन्हें ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के पद पर स्थानांतरित कर दिया है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब फलता विधानसभा क्षेत्र के तृणमूल प्रत्याशी जहांगीर खान, जिन्हें ‘पुष्पा’ नाम से भी जाना जाता है, और शानु बक्सी के बीच कथित मोबाइल चैट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इस चैट को भाजपा नेता अभिजीत दास उर्फ बॉबी ने सार्वजनिक किया था, जिसमें चुनावी धांधली के आरोप लगाए गए थे।

बताया गया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में फलता क्षेत्र से अभिषेक बनर्जी को मिली भारी बढ़त के पीछे कथित गड़बड़ी हुई थी और वायरल चैट को उसी का सबूत बताया गया। हालांकि, शानु बक्सी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह चैट पूरी तरह फर्जी है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से तैयार की गई है।
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार ने शानु बक्सी को फलता का बीडीओ नियुक्त किया था। बाद में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने उन्हें हरिश्चंद्रपुर-1 ब्लॉक में स्थानांतरित कर दिया था।
नवान्न द्वारा जारी ताजा आदेश के मुताबिक, अब हरिश्चंद्रपुर-1 ब्लॉक के नए बीडीओ के रूप में ध्रुवाशीष सामंत को नियुक्त किया गया है। वहीं नदिया जिले के कृष्णनगर-1 ब्लॉक के बीडीओ रंजन सरदार को भी ओएसडी बनाया गया है और उनकी जगह गार्गी दास को नया बीडीओ नियुक्त किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के विवाद चुनावी माहौल को प्रभावित करते हैं और प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं। वहीं आम जनता के बीच भी इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं जारी हैं।
फिलहाल, यह मामला केवल एक तबादले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे की सच्चाई क्या है—यह जांच का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस पूरे विवाद में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।















