Tuesday, 22 September 2026
Advertisement
ब्रेकिंग न्यूज़
नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के विरोध में कुल्टी में प्रदर्शन, हाथों में रस्सियां बांधकर थाने के सामने जताया गुस्सा बारहवीं के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू, अभिजीत राय ने परीक्षार्थियों को चंदन-टीका लगाकर दी शुभकामनाएं अन्नपूर्णा भंडार का पैसा नहीं मिला तो सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं, आसनसोल एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन जेल में बंद पति के लिए पत्नी ने मांगे वोट, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल ‘अभिषेक के निर्देश पर नहीं, कोषाध्यक्ष के कहने पर जमा होते थे पैसे’, सुमित के वकील का बड़ा दावा नंदीग्राम में डेढ़ लाख वोटों का लक्ष्य, रेजिनगर में हुमायूं ने प्रचार से बनाई दूरी; 24 घंटे में गिरफ्तारियों से गरमाई सियासत नंदीग्राम कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी के विरोध में कुल्टी में प्रदर्शन, हाथों में रस्सियां बांधकर थाने के सामने जताया गुस्सा बारहवीं के तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा शुरू, अभिजीत राय ने परीक्षार्थियों को चंदन-टीका लगाकर दी शुभकामनाएं अन्नपूर्णा भंडार का पैसा नहीं मिला तो सड़कों पर उतरीं सैकड़ों महिलाएं, आसनसोल एसडीएम कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन जेल में बंद पति के लिए पत्नी ने मांगे वोट, मिलन प्रधान की गिरफ्तारी पर उठाए सवाल ‘अभिषेक के निर्देश पर नहीं, कोषाध्यक्ष के कहने पर जमा होते थे पैसे’, सुमित के वकील का बड़ा दावा नंदीग्राम में डेढ़ लाख वोटों का लक्ष्य, रेजिनगर में हुमायूं ने प्रचार से बनाई दूरी; 24 घंटे में गिरफ्तारियों से गरमाई सियासत
आसनसोल-दुर्गापुर

आसनसोल में जमीन को लेकर बवाल! कब्जे और अवैध निर्माण पर आमने-सामने दो पक्ष

Moutushi · 2 June 2026, 3:34 PM

आसनसोल: पश्चिम बंगाल के आसनसोल नगर निगम क्षेत्र में जमीन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है, जिसने अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल मचा दी है। 44 नंबर वार्ड के अंतर्गत अब्दुल लतीफ लेन स्थित एक जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण को लेकर दो पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

गोविंद शर्मा नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि दाग नंबर 24361 और होल्डिंग नंबर 39/40 से संबंधित उनकी जमीन पर नरेश केडिया, विनोद केडिया और पुष्पा देवी केडिया ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और वहां निर्माण कार्य भी कर लिया है। उनका दावा है कि संबंधित लोग पहले उस संपत्ति में किरायेदार के रूप में रहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने कथित तौर पर जमीन पर कब्जा जमा लिया।

गोविंद शर्मा के अनुसार, उन्होंने इस मामले को लेकर पहले आसनसोल नगर निगम और स्थानीय पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उनका कहना है कि 18 मई 2026 को हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण को हटाने का आदेश भी दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

दूसरी ओर, नरेश केडिया ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए गोविंद शर्मा को ही ‘जमीन माफिया’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि जिस दाग नंबर और होल्डिंग नंबर की बात की जा रही है, उससे उनका कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, वर्षों पहले केवल कागजों में कुछ होल्डिंग नंबरों का जिक्र किया गया था, जिनका वास्तविक रिकॉर्ड में अस्तित्व ही नहीं है।

नरेश केडिया ने यह भी दावा किया कि उनके पास सभी जरूरी दस्तावेज मौजूद हैं, जो उनकी स्थिति को स्पष्ट करते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें नगर निगम की ओर से एक नोटिस जरूर मिला था, लेकिन उसमें जिस होल्डिंग नंबर का उल्लेख किया गया है, वह उनका नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर अदालत का रुख भी किया है और गोविंद शर्मा पर ही अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया है।

फिलहाल यह मामला पूरी तरह न्यायिक प्रक्रिया में है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावों को लेकर अड़े हुए हैं। स्थानीय स्तर पर इस विवाद को लेकर चर्चा का माहौल गर्म है और लोग भी यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर सच्चाई किसके पक्ष में सामने आएगी।

प्रशासन की नजर भी इस पूरे मामले पर बनी हुई है और माना जा रहा है कि अदालत के अगले आदेश के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। तब तक के लिए यह विवाद आसनसोल में एक बड़ा मुद्दा बन चुका है।

Advertisement