आसनसोल, 30 मई 2026: पश्चिम बंगाल के रानीगंज इलाके में कथित डीजल तस्करी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता साबिर मियां के गोदाम पर स्थानीय लोगों और पुलिस की मौजूदगी में छापेमारी की गई। हालांकि कार्रवाई के दौरान आरोपी मौके से फरार हो गया।
🚨 रातभर चला ऑपरेशन, सुबह तक खुलते गए राज
घटना अमृत नगर इलाके की है, जहां रात के अंधेरे में शुरू हुआ अभियान सुबह तक जारी रहा। स्थानीय लोगों का दावा है कि गोदाम में बड़े पैमाने पर डीजल का अवैध भंडारण किया गया था।
👉 बताया जा रहा है कि तीन गोदाम मौजूद हैं
👉 दो गोदामों में डीजल मिलने की पुष्टि
👉 एक कमरे को अब तक नहीं खोला गया
🛢️ “क्लब की आड़ में तस्करी” — स्थानीय लोगों का आरोप
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि साबिर मियां लंबे समय से डीजल तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त थे।
👉 क्लब के नाम पर चल रहा था अवैध कारोबार
👉 पंचायत के राहत कोष के तिरपाल भी बरामद होने का दावा
👉 इलाके में पहले से आपराधिक गतिविधियों की चर्चा
⚖️ पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश जारी
आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के अंतर्गत निमचा फांड़ी की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।
👉 डीजल कहां से आया, इसकी जांच
👉 किस उद्देश्य से भंडारण किया गया, इसकी पड़ताल
👉 फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी
💣 पुराने मामलों का भी खुल सकता है पिटारा
स्थानीय लोगों का दावा है कि साबिर मियां पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं।
👉 डकैती और लूट के आरोप
👉 बमबाजी और मारपीट के मामले
👉 श्रमिकों से कथित वसूली
हालांकि पुलिस इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही करेगी।
🏭 ईसीएल कनेक्शन पर उठे सवाल
इस मामले में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
👉 अवैध गतिविधियों में मिलीभगत के आरोप
👉 ईसीएल में बस और कई चार पहिया वाहन संचालित होने की जानकारी
👉 ठेके और अन्य कार्यों से जुड़े होने का दावा
पुलिस इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को और तेज कर रही है।
📌 निष्कर्ष
रानीगंज में सामने आया यह मामला सिर्फ डीजल तस्करी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि इसके तार राजनीति, उद्योग और स्थानीय नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पुलिस कब तक आरोपी को गिरफ्तार कर इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर पाती है।















