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माइक विवाद के बाद ममता का दमदार जवाब! चक्रबेड़िया में 87 मिनट की पदयात्रा

Moutushi · 27 April 2026, 10:05 AM

कोलकाता (भवानीपुर): माइक विवाद के चलते शनिवार को सभा बीच में छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जो वादा किया था, उसे उन्होंने महज़ 24 घंटे के भीतर पूरा कर दिखाया। रविवार को भवानीपुर के चक्रबेड़िया इलाके में उन्होंने 87 मिनट लंबी पदयात्रा कर न सिर्फ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई, बल्कि इसे एक बड़े शक्ति प्रदर्शन में भी बदल दिया।

⚠️ माइक विवाद से शुरू हुआ सियासी तूफान

शनिवार को चक्रबेड़िया में आयोजित सभा के दौरान आरोप लगा कि पास में भाजपा द्वारा माइक प्रचार किए जाने से कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न हुई।
इससे नाराज़ होकर ममता बनर्जी ने संक्षिप्त भाषण देते हुए सभा समाप्त कर दी थी और भाजपा पर “असभ्यता” का आरोप लगाया था।

उन्होंने उस वक्त कहा था—
👉 “क्या इस तरह मीटिंग करना संभव है? मेरे पास अनुमति थी, फिर भी जानबूझकर बाधा डाली जा रही है।”

साथ ही उन्होंने लोगों से माफी मांगते हुए अगले दिन रैली करने का ऐलान किया था।

🚶‍♀️ रविवार को 87 मिनट की पदयात्रा

अपने वादे के अनुसार, रविवार शाम 4:15 बजे ममता बनर्जी ने चक्रबेड़िया मोड़ से पदयात्रा की शुरुआत की।
यह पदयात्रा कालीघाट रोड, हरिश मुखर्जी रोड सहित कई प्रमुख रास्तों से होकर गुज़री और 5:42 बजे हाजरा फायर ब्रिगेड के पास समाप्त हुई।

👉 कुल समय: 87 मिनट
👉 दूरी: कई प्रमुख गलियां और मुख्य सड़कें

👥 जनसैलाब ने बदला माहौल

इस पदयात्रा में हर वर्ग और हर उम्र के लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिली।
👉 छोटे बच्चे “जय बांग्ला” लिखे गुलाब लेकर खड़े नजर आए
👉 बुजुर्ग महिलाएं-पुरुष ‘घर की बेटी’ को देखने उमड़े
👉 कुछ लोग व्हीलचेयर पर बैठकर भी पहुंचे

सड़कों के किनारे, घरों की छतों और खिड़कियों से भी लोगों की भीड़ ममता को देखने के लिए जुटी रही।

🤝 जनता से सीधा संवाद

यह पदयात्रा केवल एक रैली नहीं रही, बल्कि ममता बनर्जी ने इसे जनसंपर्क अभियान में बदल दिया।
👉 कई जगह रुककर लोगों से बातचीत की
👉 हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया
👉 लोगों के बीच जाकर समर्थन जुटाया

एक भावुक पल तब देखने को मिला, जब एक महिला भीड़ को पार कर उनके पैर छूने पहुंची। ममता ने मना किया, लेकिन महिला ने उन्हें प्रणाम किया।

🥁 ढाक और गीतों से गूंजा माहौल

पदयात्रा के दौरान माहौल पूरी तरह उत्सव जैसा नजर आया।
👉 ढाक की धुन
👉 गीत-संगीत
👉 नारेबाजी

इन सबने पूरे इलाके को चुनावी रंग में रंग दिया।

🟢 फिरहाद हाकिम भी रहे साथ

इस पूरी पदयात्रा में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फिरहाद हाकिम भी ममता बनर्जी के साथ मौजूद रहे, जिससे यह रैली और भी अहम बन गई।

🔥 सियासी संदेश साफ

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह पदयात्रा सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि एक संदेश थी—
👉 बाधाओं के बावजूद पीछे नहीं हटने का
👉 जनता के बीच सीधा संवाद बनाने का
👉 और चुनावी मैदान में अपनी ताकत दिखाने का

👉 कुल मिलाकर, माइक विवाद से शुरू हुई यह कहानी 87 मिनट की पदयात्रा के साथ एक बड़े राजनीतिक संदेश में बदल गई।
भवानीपुर की सड़कों पर उमड़ी भीड़ ने साफ कर दिया कि चुनावी जंग अब और भी दिलचस्प होने वाली है।

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