आसनसोल: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राज्यभर में ‘युवो साथी’ योजना के विशेष कैंप लगाए गए, जहां सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। विभिन्न जिलों और सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित इन शिविरों में योजना से संबंधित फॉर्म वितरित किए जा रहे हैं और भरे हुए आवेदन जमा भी लिए जा रहे हैं।
इन कैंपों में खेतिहर मजदूरों के भत्ते से जुड़े आवेदन पत्र तथा लक्ष्मी भंडार योजना के नए स्तर के फॉर्म भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बड़ी संख्या में युवक-युवतियां और महिलाएं सुबह से ही पंक्तियों में खड़ी नजर आईं।
क्या है ‘युवो साथी’ योजना?
राज्य सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के दसवीं पास बेरोजगार युवक-युवतियों को हर महीने 1500 रुपये का भत्ता दिया जाएगा। यह सहायता अधिकतम पांच वर्षों तक या रोजगार मिलने तक जारी रहेगी।
योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को सालाना 18,000 रुपये और पांच वर्षों में कुल 90,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि जो लोग पहले से नौकरी में हैं या अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, वे इसके पात्र नहीं होंगे।
लोगों की प्रतिक्रिया
लाइन में लगे कई आवेदकों का कहना था कि सरकार किसी भी दल की हो, यदि योजनाओं का सीधा लाभ मिलता है तो वे उसका फायदा जरूर उठाएंगे। “हमें सुविधा से मतलब है,” एक आवेदक ने कहा।
वहीं कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि भत्ता देने के साथ-साथ स्थायी रोजगार के अवसर भी पैदा किए जाने चाहिए, ताकि युवाओं को काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन न करना पड़े।
कब से लागू होगी योजना?
पहले इस योजना को अगस्त से लागू करने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में घोषणा की गई कि इसे 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 15 फरवरी से 26 फरवरी तक चलेगी। इसके बाद पात्रता की जांच कर लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी।
सरकार का दावा है कि इस पहल से बेरोजगार युवाओं को अस्थायी आर्थिक सहारा मिलेगा और वे रोजगार की तलाश के दौरान आर्थिक दबाव से राहत पा सकेंगे।
महाशिवरात्रि के दिन लगे इन कैंपों में उमड़ी भीड़ यह संकेत दे रही है कि योजना को लेकर युवाओं में उत्साह और उम्मीद दोनों है।











