आसनसोल: प्रतिभा न सीमाओं में बंधती है और न ही हालातों से हारती है। इसका बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला आसनसोल शहर में, जब एक महिला कलाकार ने इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा का ऐसा जीवंत पोट्रेट बनाया कि खुद सिन्हा भी दंग रह गए।
रविवार को अपने कार्यालय में व्यस्त संजय सिन्हा से मिलने पहुंचीं यासमीन सुल्ताना, जो कि ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल की सदस्य भी हैं, ने उन्हें यह अद्भुत पेंटिंग भेंट की। जैसे ही संजय सिन्हा ने पेंटिंग देखी, वह खुशी और आश्चर्य से भर उठे। पोट्रेट में कलाकार ने उनके चेहरे के हावभाव, मुस्कान और आत्मीयता को इतनी बारीकी से उकेरा कि हर कोई उसकी तारीफ करने लगा।
यासमीन सुल्ताना पिछले कुछ वर्षों से पोट्रेट आर्ट में सक्रिय हैं और अब तक कई जानी-मानी हस्तियों के चित्र बना चुकी हैं। लेकिन यह खास पेंटिंग उनके लिए भी बेहद भावनात्मक थी क्योंकि यह उन्होंने अपने संगठन के चेयरमैन के लिए दिल से बनाई थी।
समर्थन और सम्मान
संजय सिन्हा ने न केवल यासमीन की कला की सराहना की, बल्कि उन्हें हर संभव सहयोग का भी आश्वासन दिया। उन्होंने कहा,
“प्रतिभा को कभी रोका नहीं जा सकता। उसे सही समय पर सही मंच मिलना ही चाहिए। हम यासमीन जैसी कलाकारों को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
कला और समाज का मिलन
इस पूरे घटनाक्रम ने यह संदेश भी दिया कि समाज में कलाकारों को उचित सम्मान और अवसर मिलना चाहिए। यासमीन की मेहनत और प्रतिभा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जुनून और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है।
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर भी यासमीन सुल्ताना की पेंटिंग की जमकर तारीफ हो रही है। कई लोग इसे ‘आसनसोल की कला प्रतिभा का प्रतीक’ कह रहे हैं।










