अंतिम मतदाता सूची से पहले बंगाल में हाई अलर्ट, संवेदनशील जिलों में अफसर तैनात

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पश्चिम बंगाल में एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले राज्य पुलिस मुख्यालय ने व्यापक सुरक्षा रणनीति लागू कर दी है। संभावित तनाव और अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील जिलों में विशेष जिम्मेदारी सौंपते हुए तत्काल तैनाती के निर्देश जारी किए गए हैं।

भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस महानिदेशक और आईजीपी (कानून-व्यवस्था) ने अधिकारियों को शनिवार दोपहर 2 बजे तक अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में रिपोर्ट करने को कहा है। संबंधित जिलों में उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था जिला पुलिस अधीक्षकों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

📍 किसे मिली किस जिले की जिम्मेदारी

  • अजय नंद (एडीजी, काउंटर इंसर्जेंसी फोर्स) को मालदा जिले की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।
  • गौरव शर्मा (आईजीपी, ट्रैफिक) कृष्णानगर पुलिस जिला और मुख्यालय की कमान संभालेंगे।
  • रशीद मुनीर खान (डीआईजी, मुख्यालय) मुर्शिदाबाद, जंगीपुर पुलिस जिला और बहरमपुर मुख्यालय की सुरक्षा व्यवस्था देखेंगे।
  • सुनील कुमार यादव (डीआईजी, कोस्टल सिक्योरिटी) कूचबिहार जिले में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।

🚨 रैफ और सीआईएफ का रहेगा सहयोग

इन वरिष्ठ अधिकारियों को स्थानीय पुलिस बल के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (रैफ) और सीआईएफ का भी सहयोग मिलेगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मतदाता सूची को लेकर कुछ इलाकों में राजनीतिक गहमागहमी और सूची के अपूर्ण रहने की आशंकाओं को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है।

राजधानी कोलकाता में भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। कोलकाता पुलिस के नवनियुक्त कमिश्नर सुप्रतिम सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहर में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है।

🗳️ प्रशासन की सख्त निगरानी

राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले जिलों में फ्लैग मार्च, लगातार पेट्रोलिंग और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अफवाहों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और जनता से संवाद बनाए रखा जाए।

राज्य पुलिस की यह सक्रियता साफ संकेत देती है कि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले प्रशासन किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा। सुरक्षा, सतर्कता और सख्ती—इन्हीं तीन मंत्रों के साथ बंगाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

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