90 हजार आशा कर्मियों की हड़ताल से हिला बंगाल, आसनसोल में चक्का जाम

single balaji

आसनसोल:
पश्चिम बंगाल में 90,000 से अधिक आशा कर्मियों की राज्यव्यापी हड़ताल ने अब जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार को इसका असर आसनसोल में भी साफ नजर आया, जहां आसनसोल नगर निगम के अधीन कार्यरत आशा कर्मियों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम किया। इस दौरान शहर के भगत सिंह मोड़ पर प्रदर्शनकारियों ने सड़क घेर ली, जिससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया।

हड़ताल पर बैठी आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी आठ सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनकी प्रमुख मांगों में भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी, न्यूनतम 15 हजार रुपये मासिक वेतन, मरणोपरांत 5 लाख रुपये का मुआवजा समेत अन्य सुविधाएं शामिल हैं।

प्रदर्शन में शामिल महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने आरोप लगाया कि वे वर्षों से जनता की सेवा कर रही हैं, लेकिन आज भी उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित रखा गया है। आंदोलनरत आशा कर्मियों ने कहा,
“हम कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। अब हम आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं।”

चक्का जाम के कारण भगत सिंह रोड पर लगभग 30 मिनट से अधिक समय तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। इस दौरान राहगीरों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे रहे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।

आशा कर्मियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और आने वाले दिनों में इसे और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य कर्मियों की भागीदारी ने आंदोलन को और मजबूती दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आशा कर्मियों की भूमिका स्वास्थ्य सेवाओं में बेहद अहम है और उनकी मांगों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। अब देखना होगा कि प्रशासन और सरकार इस बढ़ते आंदोलन पर क्या रुख अपनाती है।

ghanty

Leave a comment