कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। पहले चरण के लिए उम्मीदवारों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। इस फेज में राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर कुल 1478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर चुके हैं।
जानकारी के मुताबिक, कुल 1525 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे, जिनमें से जांच के बाद 1478 उम्मीदवारों को अंतिम रूप से चुनाव लड़ने की अनुमति मिली है।
🗳️ कब होगा मतदान?
👉 पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा
👉 दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को कराया जाएगा
राज्य की कुल 294 सीटों में से आधी से ज्यादा यानी 152 सीटों पर पहले चरण में वोटिंग होगी।
📍 किन जिलों में होगी वोटिंग?
पहले चरण में उत्तर बंगाल के सभी जिले शामिल हैं, साथ ही दक्षिण बंगाल के कई अहम क्षेत्रों में भी मतदान होगा—
👉 दार्जिलिंग
👉 कलिम्पोंग
👉 जलपाईगुड़ी
👉 अलीपुरदुआर
👉 कूचबिहार
👉 उत्तर दिनाजपुर
👉 दक्षिण दिनाजपुर
👉 मालदा
👉 झारग्राम
👉 पुरुलिया
👉 बांकुड़ा
👉 बीरभूम
👉 मुर्शिदाबाद
इसके अलावा पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर और पश्चिम बर्धमान के कुछ हिस्सों में भी मतदान होगा।
⚔️ किस सीट पर सबसे ज्यादा मुकाबला?
👉 कूचबिहार दक्षिण और ईटाहार सीटों पर सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं
👉 कई सीटों पर 14 उम्मीदवार भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे मुकाबला और रोचक हो गया है
👉 आसनसोल उत्तर समेत कई सीटों पर 13 उम्मीदवार मैदान में हैं
📊 कहीं 10 तो कहीं सिर्फ 6 उम्मीदवार
👉 कई सीटों पर 10 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं
👉 वहीं कुछ सीटों पर सिर्फ 6 उम्मीदवार, जैसे—
- दार्जिलिंग
- सालबनी
- सालतोड़ा
- कुल्टी
इससे साफ है कि हर क्षेत्र में मुकाबले की तीव्रता अलग-अलग स्तर पर देखने को मिलेगी।
🚀 चुनावी प्रचार ने पकड़ी रफ्तार
उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी होते ही सभी राजनीतिक दलों ने चुनावी प्रचार तेज कर दिया है।
👉 बड़े नेता लगातार रैलियां कर रहे हैं
👉 स्थानीय स्तर पर डोर-टू-डोर कैंपेन शुरू हो चुका है
👉 सोशल मीडिया पर भी प्रचार युद्ध चरम पर है
🔍 क्या कहता है चुनावी समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है—
👉 ज्यादा उम्मीदवार होने से वोटों का बंटवारा हो सकता है
👉 कई सीटों पर त्रिकोणीय और बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा
👉 इससे परिणाम और भी रोमांचक और अप्रत्याशित हो सकते हैं
🔥 कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 का पहला चरण बेहद दिलचस्प होने वाला है, जहां हर सीट पर अलग कहानी और हर उम्मीदवार अपनी जीत के लिए पूरा जोर लगा रहा है। अब नजरें टिकी हैं 23 अप्रैल पर, जब जनता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेगी और सियासी तस्वीर साफ होने की शुरुआत होगी।















