आसनसोल, पश्चिम बर्धमान : पिछले कई दिनों से 56 नंबर वार्ड में पानी की एक-एक बूंद को तरस रहे लोग गुरुवार को सब्र का बांध तोड़ते हुए चितरा मोड़ की सड़क पर उतर आए। बीजेपी के झंडे और पानी भरने के बर्तन लेकर लोग लगभग 30 मिनट तक सड़क जाम कर बैठे। उनका सीधा आरोप था — “बीजेपी विधायक के दौरे के चलते तृणमूल पार्षद ने जानबूझकर जल आपूर्ति बंद कर दी है।”
🚱 “पानी भी अब राजनीति की भेंट चढ़ गया है” — प्रदर्शनकारियों का तंज
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा को राजनीतिक हथियार बना दिया गया है।
एक बुजुर्ग महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा:
“पांच दिन से एक बाल्टी पानी को मोहताज हैं हम। अगर विधायक आए तो हमें सजा क्यों?”
🗣️ TMC पार्षद की सफाई: “टैंकर में मरम्मत का काम था, जल आपूर्ति रोकना हमारा मकसद नहीं”
इस आरोप पर 56 नंबर वार्ड की तृणमूल पार्षद श्रावणी विश्वास ने सफाई दी:
“हमने जल आपूर्ति नहीं रोकी। टैंकरों में कुछ मरम्मत कार्य चल रहा था, जिस वजह से अस्थायी समस्या हुई। अब स्थिति सामान्य की जा रही है।”
उन्होंने बताया कि वह खुद इलाके में जाकर लोगों को वस्तुस्थिति से अवगत करा चुकी हैं।
🔥 राजनीतिक गर्मी: TMC vs BJP में पानी बना नया मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम ने आसनसोल की राजनीति को फिर से गर्म कर दिया है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कहा:
“अगर विधायक के आने से जनता को सज़ा दी जाएगी तो ये लोकतंत्र का मज़ाक है। तृणमूल को जवाब देना होगा।”
❓ प्रशासनिक चुप्पी पर भी उठे सवाल
लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि जब जल संकट जैसी गंभीर स्थिति बनती है, तो न कोई अधिकारी मौके पर आता है, न ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था। कई घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा है।










