📍 कोलकाता:
वक्फ बिल 2025 को लेकर देशभर में उठे राजनीतिक भूचाल के बीच, कांग्रेस नेता शाह आलम ने एक ज़ोरदार बयान देकर सियासत की गर्मी और बढ़ा दी है। उन्होंने एक ओर जहां पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला, वहीं मोदी सरकार पर भी वक्फ संपत्तियों को कब्जाने की साजिश का आरोप लगाया।
🔥 ममता बनर्जी पर तीखा हमला
शाह आलम ने ममता बनर्जी के उस कथित बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि “वक्फ आंदोलन करना है तो दिल्ली जाइए, बंगाल में नहीं।”
शाह आलम ने इसे “अशोभनीय और दोहरा मापदंड” करार देते हुए कहा:
“2011 में जब आप खुद आंदोलनों का हिस्सा थीं, तो क्या आप दिल्ली गई थीं? नहीं, आपने बंगाल में ही विरोध किया था।”
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब तृणमूल नेताओं पर ईडी और सीबीआई की जांच होती है, तो ममता दिल्ली नहीं जातीं, बंगाल में ही हल्ला करती हैं — फिर आम लोगों के आंदोलन को बंगाल में रोकना क्यों चाहती हैं?
🏛️ मोदी सरकार पर बड़ा आरोप
शाह आलम ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वक्फ अधिनियम में संशोधन के नाम पर कब्रिस्तान, मस्जिद और अन्य वक्फ संपत्तियों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
उनका कहना है:
“यह संशोधन मुसलमानों के संवैधानिक और धार्मिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। यह सिर्फ कानून नहीं, समुदाय पर सीधा हमला है।”
⚖️ “यह लड़ाई किसी सरकार के खिलाफ नहीं, अधिकारों के लिए है”
शाह आलम ने साफ किया कि उनका आंदोलन किसी खास सरकार को निशाना बनाने का नहीं, बल्कि इस विवादित वक्फ अधिनियम को पूरी तरह से खारिज करवाने का है।
उन्होंने पूछा कि अगर दक्षिण भारत, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लोग अपने-अपने इलाकों में प्रदर्शन कर सकते हैं, तो बंगाल में क्यों नहीं?










