पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वालों पर देशद्रोह का शिकंजा, इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स चेयरमैन ने लिखा प्रधानमंत्री को पत्र
नई दिल्ली।
ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद, भारत अब केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि भीतर के गद्दारों पर भी सर्जिकल स्ट्राइक कर रहा है। हरियाणा से लगातार सामने आ रही पाक जासूसी की घटनाएं देश की सुरक्षा को हिला देने वाली हैं। इंटरनेशनल इक्विटेबल ह्यूमन राइट्स सोशल काउंसिल के चेयरमैन संजय सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देशद्रोहियों को “मौत से भी बड़ी सज़ा” देने की मांग की है।
🕵️ हरियाणा में पाकिस्तान के लिए जासूसी का नेटवर्क!
- अब तक हरियाणा से 5 गिरफ्तारियां,
- नूंह जिले से दूसरी गिरफ्तारी,
- तावड़ू के कंगारका गांव से पकड़ा गया तारीफ,
- भारतीय सेना की खुफिया जानकारी पाकिस्तानी हाई कमीशन को भेजने का आरोप।
तारीफ के मोबाइल से बरामद हुए—
- पाकिस्तानी नंबरों से चैट,
- सेना की तस्वीरें और वीडियो,
- दोहरे सिम कार्ड से पाकिस्तान से संपर्क।
🚨 आईपीसी, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और देशद्रोह में केस दर्ज
पुलिस ने पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अफसरों – आसिफ बलोच और जाफर – पर भी केस दर्ज किया है। मामले की गहराई से जांच जारी है।
📹 सोशल मीडिया पर निगरानी और सख्ती बढ़ी
संजय सिन्हा ने कहा—
“अब समय आ गया है कि देश के अंदर बैठे गद्दारों को ऐसी सज़ा दी जाए जो मौत से भी बड़ी हो। ये सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, राष्ट्र के अस्तित्व पर हमला है।”
🔍 चीन भी शामिल! सेटेलाइट डेटा पाकिस्तान को भेजा
सिन्हा ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा—
“भारत-पाक तनाव के बीच चीन ने पाकिस्तान की मदद के लिए भारत की जासूसी की और सेटेलाइट डेटा मुहैया कराया।”
📢 पहले भी गिरफ्तार हुआ था यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा और अरमान
- हिसार से ज्योति मल्होत्रा और
- नूंह के राजाका गांव से 26 वर्षीय अरमान को दिल्ली स्थित पाक उच्चायोग से संपर्क कर जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
📣 संजय सिन्हा की चेतावनी
“यह सिर्फ शुरुआत है। गद्दारों की लिस्ट अभी और लंबी होगी। देश को अंदरूनी दुश्मनों से भी उतना ही खतरा है जितना सीमा पार से।”













