आसनसोल: सुभाष सिनेमा के पास फुटपाथ और रेल की ज़मीन पर वर्षों से दुकान लगाकर गुजर-बसर करने वाले छोटे दुकानदारों को हटाने और धमकाने के आरोपों ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बुधवार को तृणमूल श्रमिक संगठन ने रेल पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आसनसोल दक्षिणी थाना में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
श्रमिक संगठन के नेता राजू अहलूवालिया ने साफ शब्दों में कहा कि त्योहारों और पूजा के मौसम में फूल, चाय और अन्य छोटे दुकानदार ही अपने परिवार का पेट पालने का साधन जुटाते हैं। ऐसे समय पर रेल पुलिस द्वारा उन्हें डराना-धमकाना और हटाने की कोशिश करना निंदनीय है। उन्होंने कहा – “यह कदम कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पुलिस को लिखित शिकायत दी है कि इस तरह से शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रेल पुलिस ने सुभाष सिनेमा के पास रेल भूमि पर बनी दुकानों को अवैध बताते हुए उन्हें हटाने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद से ही विवाद गरमा गया है।
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि दशकों से वे यहां अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। एक दुकानदार ने कहा – “हम गरीब लोग हैं, यही दुकान ही हमारी रोज़ी-रोटी है। पूजा पर यही कमाई पूरे साल चलती है। हमें हटाया गया तो हम भूखे मर जाएंगे।”
वहीं, तृणमूल श्रमिक संगठन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि छोटे दुकानदारों के साथ अन्याय हुआ तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। संगठन ने यह भी मांग की है कि गरीब दुकानदारों को हटाने से पहले उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
अब देखना यह होगा कि रेल पुलिस और प्रशासन इस विवाद को कैसे सुलझाते हैं, क्योंकि मामला राजनीतिक रंग लेने लगा है और आने वाले दिनों में टकराव और भी बढ़ सकता है।











